बुलंदशहर,जेएनएन।शहरकेआइपीडिग्रीकालेजकेवनस्पतिविज्ञानकेछात्र-छात्राओंनेपेड़ोंकीछहऐसीप्रजातियोंपरशोधकियाहै।जोकिजैवविविधतासंरक्षणमेंअहमभूमिकानिभातीहैं।येसभीपेड़औषधीयहैं।छात्र-छात्राओंनेशोधपत्रमोदीनगरकेएमएमकालेजमेंप्रस्तुतकियाहै।

वनस्पतिविज्ञानविभागकीविभागाध्यक्षडा.पूनमपालीवालनेबतायाकिवनस्पतिविज्ञानएमएससीकेविद्यार्थीगुंजनशर्मा,कल्पना,ब्रजेश,मुनेश,अंकित,शालू,क्षमाआदिनेविभागकेशिक्षकोंकीसहायतासेपेड़ोंकीछहप्रजातियोंपरशोधपत्रप्रस्तुतकिया।यहवृक्षप्रजातियांमानवकोऔषधीयलाभदेनेकेसाथहीपर्यावरणमेंविशेषमहत्वरखतीहै।येप्रजातियांबुलंदशहरकेआसपासकेअलावाअन्यकहींदिखाईनहींदेतीथी।इनप्रजातियोंमेंस्टरकूलियाविलोसा(उदल,स्टरकूलियाफोटिड़ा(जंगलीबादाम)स्ट्रिकनक्सवोमिका(कुचला)अफैनोमिक्सिसपोलिस्टेचिया(पीथराज),टरमिनेलियाकैट्टपा(देशीबादामऔरतमिलनाड़ियायूलिजिनोसा(पीड़ार)शामिलहैं।प्रोफेसरयशवंतरायनेबतायाकिपेड़कईजीवजन्तुओंकोभोजनवआशियानादेकरजैवविविधतासंरक्षणमेंअहमभूमिकानिभातेहैं।कुछप्रजातियांअधिकतापमानकोनियंत्रितकरपर्यावरणकेलिएभीविशेषयोगदानरखतीहैं।डा.एमएसकसाना,पूर्वप्राचार्यराजीवगोविला,शिखाराजूपतआदिमौजूदरहे।

By Farrell