जम्मू,जागरणसंवाददाता।त्रिदेवोंमेंभगवानशिवसंहारकेदेवतामानेगएहैं।शिवअनादितथासृष्टिप्रक्रियाकेआदिस्रोतहैं।यहकालमहाकालहीज्योतिषशास्त्रकेआधारहैं।शिवकाअर्थयद्यपिकल्याणकारीमानागयाहै।लेकिनवेहमेशालयएवंप्रलयदोनोंकोअपनेअधीनकिएहुएहैं।

इससमयसावनमहीनाचलरहाहै।सावनमासकोमासोत्तममासकहाजाताहै।यहमाहअपनेहरएकदिनमेंएकनयासवेरादिखाताहै।इसकेसाथजुड़ेसमस्तदिनधार्मिकरंगऔरआस्थामेंडूबेहोतेहैं।श्रवणनक्षत्रतथासोमवारसेभगवानशिवशंकरकागहरासंबंधहै।इसमहीनेमेंभगवानशिवकीभक्तिकाविशेषमहत्वहै।सावनकेइसमहीनेमेंहरओरभगवानशिवकेजयघोषगूंजरहेहैं।शिवमंदिरोंमेंश्रद्धालुओंकातांतालगारहताहै।इनदिनोंश्रद्धालुव्रतभीरखरखतेहैंखासकरसोमवारकेव्रतकाविशेषमहत्वमानागयाहै।

पौराणिककथाओंकेअनुसारसावनमाहमेंहीसमुद्रमंथनकियागयाथा।मंथनकेदौरानसमुद्रसेविषनिकला।भगवानशंकरनेइसविषकोअपनेकंठमेंउतारकरसंपूर्णसृष्टिकीरक्षाकीथी।इसलिएइसमाहमेंशिवउपासनासेउनकीविशेषकृपाप्राप्तहोतीहै।हरकोईशिवलिंगपरजलाभिषेककरताहै।इसकाभीविशेषमहत्वमानागयाहै।भगवानशिवकीमूर्तिवशिवलिंगपरजलचढ़ानेकामहत्वभीसमुद्रमंथनकीकथासेजुड़ाहुआहै।अग्निकेसमानविषपीनेकेबादशिवकाकंठएकदमनीलापड़गयाथा।विषकीउष्णताकोशांतकरभगवानभोलेकोशीतलताप्रदानकरनेकेलिएसमस्तदेवी-देवताओंनेउन्हेंजलअर्पणकिया।इसलिएशिवपूजामेंजलकाविशेषमहत्वमानाहै।

शिवपुराणमेंकहागयाहैकिभगवानशिवहीस्वयंजलहैं।जोजलसमस्तजगतकेप्राणियोंमेंजीवनकासंचारकरताहै।वहजलस्वयंउसपरमात्माशिवकारूपहै।भगवानशिवकोभक्तप्रसन्नकरनेकेलिएबेलपत्रचढ़ातेहैं।इससंबंधमेंएकपौराणिककथाकेअनुसारजब89हजारऋषियोंनेमहादेवकोप्रसन्नकरनेकीविधिपरमपिताब्रह्मासेपूछातोउन्होंनेबतायाकिमहादेवसौकमलचढ़ानेसेजितनेप्रसन्नहोतेहैं।उतनाहीएकनीलकमलचढ़ानेपरहोतेहैं।ऐसेहीएकहजारनीलकमलकेबराबरएकबेलपत्रहै।बेलपत्रकेविषयमेंशास्त्रोंमेंबतायागयाहैकितीनदलोंवालेबेलपत्रकोचढ़ानेसेतीनजन्मोंकेपापनाशहोजातेहैं।बेलपत्रकेदर्शनमात्रसेहीपापनाशहोजातेहैंऔरछूनेसेसभीप्रकारकेशोक,कष्टदूरहोजातेहैं।-पंडितशिवदत्तशास्त्री

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