अभियानशिक्षा::::::-

मनमानीफीसअभिभावकोंकीतोड़रहीकमर

जागरणसंवाददाता,सुपौल:शिक्षादानमहादानजैसीबातअबनहींरही।शिक्षाकापूरीतरहव्यवसायीकरणहोगयाहैऔरयहकमाईकाजरियाबनचलाहै।नतीजाहैकिआएदिननए-नएनिजीविद्यालयखुलरहेहैं।बेहतरशिक्षाकोलेअभिभावकअपनेबच्चोंकानामांकननिजीविद्यालयोंमेंहीकरानामुनासिबसमझतेहैं।नतीजाहोताहैकिवेनिजीविद्यालयोंकेभारीभरकमफीसऔरमनमानीकाशिकारहोतेहैं।ऐसानहींकिअभिभावकइनसबबातोंकोसमझतेनहीं।परकरेंतोक्याकरेंउनकेसामनेकुछअधिकविकल्पखुलाजोनहीं।आजनिजीविद्यालयकेसंचालकइन्हींबच्चोंसेवसूलीजानेवालीफीसकीबदौलतफलफूलरहेहैंऔरछोटीझोपड़ीमेंशुरूहुआउनकानिजीविद्यालयअबमहलोंमेंतब्दीलहोरहाहै।सुपौलजिलेमेंसैकड़ोंकीतादादमेंनिजीविद्यालयहैंपरविडंबनाहैकिइनविद्यालयोंपरनतोकिसीतरहकासरकारीअंकुशहैऔरनहीकिसीतरहकादवाबही।परिणामहैकिनिजीविद्यालयकेसंचालकअपनीमनमर्जीफीसतयकरतेहैंऔरअभिभावकोंसेवसूलतेहैं।जैसे-जैसेनामांकनकासमयआताहैवैसे-वैसेनिजीविद्यालयोंकेसंचालकोंकीचहल-कदमीऔरगतिविधियांबढ़जातीहै।अपने-अपनेविद्यालयकाप्रचारवेविभिन्नमाध्यमोंसेकरअभिभावकोंकोरिझातेहैं।इसक्रममेंवेबच्चोंकोतरह-तरहकीसुविधादेनेकादावाकरतेहैंपरनामांकनकेकुछदिनबादहीसारेदावेगायबहोजातेहैंऔरसंचालकोंकीमनमर्जीचलनेलगतीहै।हरनिजीविद्यालयकाअपना-अपनाफीसहैइसपरकिसीतरहकानियंत्रणनहींदिखताहै।डेवलपमेंटकेनामपरभीनिजीविद्यालयकेसंचालकअभिभावकोंसेमोटीरकमऐठतेहैं।जहांतकफीसकीबातहैतोहरस्कूलमेंअपने-अपनेतरीकेसेफीसनिर्धारितहै।कुछविद्यालयोंमेंकेजीसेकक्षाआठतककेलिए8सौरुपयामहीनानिर्धारितहैतो8सेउपरकक्षाकेलिए1000से1200रुपयातक।इसकेअलावाकम्प्यूटर,परिवहन,बिजलीआदिकेनामपरभीराशिवसूलीजातीहै।कुलमिलाकरदेखाजाएतोनिजीविद्यालयकासंचालनवर्तमानसमयमेंलाभकाव्यवसायबनाहुआहैऔरइससेजुड़ेसंचालकदिनदुनीरातचौगुणीतरक्कीकररहेहैं।

अभिभावकोंकीराय

मु.असलम,जीतेन्द्रकुमार,सरोजकुमार,सनोजकुमार,शंभूकुमार,राहुलकुमार,सुनीलकुमार,संदीपकुमारआदिनेकहाकिसरकारशिक्षाकेमहत्वकोरेखांकितकरतेहुएबच्चोंसेशिक्षितबननेकीअपीलकरतीरहतीहै।कहाभीजाताहैकिआजकेबच्चेकलकेभविष्यनिर्माताहैंऔरशिक्षितबच्चेहीदेशकोउंचाईपरलेजासकतेहैं।बावजूदवर्तमानसमयमेंशिक्षाकीस्थितिबहुतअच्छीनहीं।सरकारीविद्यासलयोंमेंआजभीवहसुविधानहींमिलपारहीजिसकीआजबच्चोंकोजरूरतहै।नतीजाहैकिहमअपनेबच्चेकोबेहतरऔरआधुनिकशिक्षादेनेकेलिएनिजीविद्यालयकीओररूखकरतेहैंलेकिनयहांकोईसरकारीनियंत्रणनहींहोता।यहांतोशिक्षाकोव्यवसायबनाएबैठाहै।बच्चोंकीबेहतरीकीआसलगाएअभिभावकोंकानिजीविद्यालयोंद्वाराशोषणकियाजाताहै।फीसकेनामपरउनसेमोटीरकमवसूलीजातीहै।इसपरनतोकोईअंकुशहैऔरनहीफीसनिर्धारणकेलिएसरकारीपहलही।