जागरणसंवाददाता,पालमपुर:जीवनसेमृत्युतकसंस्कारोंकीअहमभूमिकारहतीहै।हिदूसमाजनेजीवनकोसंस्कारोंमेंबांटाहै।आत्मविश्वासकेसाथ-साथसंस्कारोंकाबहुतमहत्वहै।भारतीयसंस्कृतिमेंसोलहसंस्कारहै।इनमेंजन्मसंस्कार,नामकरण,मुंडन,विवाहवअंतिमसंस्कारहै।इनसभीकाहमारेजीवनमेंबहुतमहत्वहै।संस्कारदिखाएनहींजाते,बल्किदिखजातेहैं।येउद्गारहिमाचलएग्रीकल्चरलसाइंटिस्टफोरमकेप्रदेशाध्यक्षवयुवावैज्ञानिकडॉक्टरप्रदीपकुमारनेशनिवारकोअनुराधापब्लिकस्कूलमारंडामेंदैनिकजागरणकीओरसेआयोजितसंस्कारशालाकार्यशालामेंबतौरमुख्यअतिथिव्यक्तकिए।

उन्होंनेकहा,हमारेजीवनमेंसंस्कारोंकाबहुतमहत्वहै।किसप्रकारहमसामाजिककुरीतियोंसेलड़सकतेहैं।भारतमेंप्रकृतिकीपूजाकीजातीहै।इतनाहीनहींछोटीसीचींटीसेलेकरविशालकायहाथीतककीपूजाहोतीहै।नदियोंकीभीपूजाकीजातीहै।विश्वभरमेंपर्यावरणसंरक्षणकेलिएबहुतसारेप्रयासकरतेहैं।दुनियाहमेंसीखारहीहैकिपर्यावरणकीरक्षाकैसेकरनीहै,लेकिनहमतोसदियोंसेपर्यावरणकीरक्षाकररहेहैं।पेड़हमारेरक्षाकरतेहैं।पीपलकीपूजाकरतेहैं।इसकेपीछेवैज्ञानिकतथ्ययहहैकियहदिनभरऑक्सीजनछोड़ताहै।हमइसकारणहीइसकीपूजाकरतेहैं।संस्कारकासीधामतलबहोताहैअच्छीसोच।समाजमेंहमारेपूर्वजोंनेजोनियमऔरसंस्कारबनाएहैं,उसकावैज्ञानिकतथ्यहै।महिलाओंकेसम्मानकीबातहोतीहै।हमारेदेशमेंमहिलाओंकोशिक्षाकाअधिकारहै।उन्हेंजीवनसाथीचुननेकाअधिकारहै।यहअधिकारउन्हेंपुरानेसमयसेहै।डॉक्टरप्रदीपनेकहा,संस्कारोंकोप्रदानकरनेमेंशिक्षकमहत्वपूर्णभूमिकानिभातेहैं।युवासबसेअधिकसमयस्कूलोंमेंशिक्षकोंकेसाथहीरहतेहैं।यहांपरजोसंस्कारउन्हेंशिक्षकप्रदानकरतेहैंउन्हेंवेग्रहणकरतेहैंऔरजीवनमेंढालतेहैं।बकौलप्रदीप,आत्मविश्वाससेसकारात्मकऊर्जामिलतीहै।उन्होंनेबच्चोंकाआह्वानकियाकिवहहमेशासकारात्मकऊर्जादेनेवालेसाथियोंकेसाथरहें।समाजकेअंदरऐसेबहुतसेउदाहरणहैं,जोहमेंप्रेरणादेतेहैं।आत्मविश्वासबढ़ानेकेलिएमहापुरुषोंकीजीवनियोंसेसंबंधितपुस्तकोंकोपढ़नाचाहिए।इसदौरानडॉक्टरप्रदीपकुमारकोदैनिकजागरणपरिवारकेसदस्योंनेस्मृतिचिह्नदेकरसम्मानितकिया।कार्यशालाकेसमापनपरदैनिकजागरणउपकार्यालयपालमपुरकेप्रभारीशारदाआनंदगौतमनेसभीकाआभारजताया।इसमौकेपरदैनिकजागरणकेब्रांडविभागकेवरिष्ठप्रबंधकअरविदशर्मा,उपप्रधानाचार्यशैलीगुप्ता,रीटाजंबाल,सपनागोस्वामी,गुलशनकुमार,सौरभ,पूनमशर्मा,हिमगिरी,कामना,मोनिकासहितकार्यालयअधीक्षकभूपसिंहवआरतीआदिमौजूदरहे।

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