जागरणसंवाददाता,फीरोजाबाद:हमेशासवालोंकेघेरेमेंरहनेवालेसरकारीशिक्षकोंमेंकुछनेतस्वीरबदलडाली।संसाधनउनकेलिएभीवहीथे।बजटभीवहीथा,बसअंतरथातोसिर्फइतनाकिइनमेंजुनूनथाबच्चोंकाभविष्यसंवारनेका।चाहतेतोयहभीपांचघंटेकीनौकरीकरपगारपातेरहते,लेकिनइन्हेंकुछकरनाथा।सो,माहौलबदलतागया।इनकीमेहनतदेखग्रामीणआगेबढ़े।चंदेसेरास्तेबनेऔरकक्षखड़ेहोगए।जहांकभीदो-ढाईदर्जनबच्चेमुश्किलसेआतेथेवहांछात्रसंख्या100सेऊपरपहुंचगई।इनकेलिएयहीसम्मानहैऔरइनपरबच्चोंकेमाता-पिताकोभरोसाहै।

जगमुदी:डायरीऔरआइकार्ड,लगतीहैनर्सरीक्लास:

आइएचलतेहैंप्राथमिकस्कूलजगमुदीमें।2011मेंप्रधानाध्यापिकानीतू¨सहआर्इंतोस्कूलमें27बच्चेथे।स्कूलतकजानेकेलिएरास्तानहींथा।नबाउंड्रीथीनहीव्यवस्थाएं।नीतूनेबीड़ाउठाया।शिकायतेंकींतोधीरे-धीरेरास्ताबनतैयारहुआ।दीवारोंकोरंगनेकेलिएधननहींथातोफ्लैक्ससेस्कूलकीतस्वीरबदलदी।ग्रामीणोंनेसहयोगकरदोकमरेबनादिए।यहांपरआज130बच्चेहैं।बच्चेअंग्रेजीमाध्यमकीतरहडायरीरखतेहैंतोआइकार्डभीहै।नर्सरीक्लासकेलिएप्रधानसंगीता¨सहनेअपनेस्तरसेप्राइवेटशिक्षिकाकीव्यवस्थाकीहै।

कीठौत:हरमहीनेटेस्ट,पीटीकीअलगहैड्रेस:

प्राथमिकस्कूलकीठौत।2011मेंमो.शाहिदप्रधानाध्यापकबनेतो28बच्चेथे।उन्होंनेअपनेवेतनसेप्रोजेक्टरखरीदबच्चोंकोपढ़ानाशुरूकिया।उनकाजज्बादेखगांवकेअनुजकुमार,देवेंद्रकुमारएवंगोपाल¨सहआगेबढ़े।वॉलपें¨टगसेस्कूलकोआकर्षकलुकदियातोस्कूलमेंअलग-अलगऊंचाईकेवॉशवेसिनभीबने,ताकिहरबच्चाहाथधोसके।अबस्कूलमें114छात्रपढ़तेहैं।मासिकटेस्टहोतेहैंतोहरकक्षाकेदोअव्वलछात्रोंकोशिक्षकअपनेखर्चपरटूरपरलेजातेहैं।बीतेवर्षआगराएवंलालकिलागएथेतोइसबारभरतपुरएवंफतेहपुरसीकरीलेजाएंगे।

जाजपुर.यहांएसीमेंपढ़तेहैंबच्चे:

टूंडलाकेप्राथमिकस्कूलजाजपुरमेंपहुंचनेपरआपकोविश्वासनहींहोगाकिआपसरकारीस्कूलमेंहैं।रंग-बिरंगीमेजकुर्सीपरबैठकरपढ़तेहुएबच्चे।शिक्षणकक्षोंमेंएसीकीव्यवस्था।हरकक्षमेंसीसीटीवीकैमरे।प्रधानाध्यापकचंद्रकांतशर्माकेप्रयासोंसेस्कूलआदर्शस्कूलमेंबदलरहाहै।स्पोर्टसड्रेसमेंबच्चेफुटबॉलएवंक्रिकेटखेलतेहैंतोछोटेबच्चोंकेलिएस्कूलमेंसाइकिलकेसाथमेंअन्यखिलौनेहैं।छात्रसंख्यापिछलेदोवर्षमेंबढ़करतीनगुनीहोगईहै।

सलेमपुर:युवाओंनेसंभालीकमान,यहांबच्चेसीखतेकंप्यूटर:

प्राथमिकस्कूलसलेमपुरजसराना।यहांबच्चोंकेलिएकंप्यूटररूमहैतोबेंचकेसाथमेंपंखेभी।इन्वर्टरहोनेकेकारणबिजलीकेजानेपरभीबच्चेगर्मीमेंनहींबैठते।सबसंभवहुआगांवकेयुवाओंकेप्रयासोंसे।शिक्षकरामनिवासयादव,गिरीशकुमार,देवकुमारएवंयोगेंद्र¨सहनेबच्चोंकोपढ़ानेकेसाथ'गांवसुधारें'पहलकीशुरूआतकीतोप्राइवेटनौकरीकरनेवालेमनोजकेसाथगांवकेयुवाजुड़े।इनकेसहयोगसेछहकंप्यूटरकेसाथमेंअन्यव्यवस्थाएंस्कूलमेंकी।

डीएमभीदिखतीहैंशिक्षककीभूमिकामें:

जिलेमेंप्राथमिकशिक्षामेंसुधारमेंडीएमनेहाशर्माकाभीविशेषयोगदानरहा।मक्खनपुरकेदखिनारास्कूलकोगोदलेकरइसेआदर्शस्कूलबनाया।इसकेअलावास्कूलोंमेंसुधारकीपहलकी।अधिकारियोंऔरउद्यमियोंकोस्कूलगोददिए।इसकेअलावाडीएमनेसमय-समयपरस्कूलोंमेंजाकरबच्चोंकोपढ़ाया।

जागरणभीबदलरहाहैस्कूलकीतस्वीर:अभियानकेतहतदैनिकजागरणनेनगलागोलामेंस्कूलगोदलियाहै।यहांकीतस्वीरभीबदलरहीहै।

By Ellis