महराजगंज:घुघलीब्लाककेग्रामसभाबेलवाटीकरनिवासीशिक्षकसुधीरश्रीवास्तवजलसंचयकेलिएक्षेत्रमेंमहत्वपूर्णभूमिकानिभारहेहैं।करीबदोदशकसेअनवरत10छोटेबड़ेतालाबोंकेमाध्यमसेजलसंचयमेंप्रकृतिकाजहांसहयोगकरतेआरहेहैं,वहींमछलीपालनकेजरियेलोगोंकोरोजगारभीउपलब्धकरारहेहैं।

वर्ष1999मेंपरिषदीयशिक्षकबननेकेबादडा.संजयश्रीवास्तवकीप्रेरणासेइन्होंनेवर्ष2000मेंग्रामसभाबेलवाटीकरसेसटेशिकारपुरघुघलीमार्गपरग्रामबेलवाटीकरमेंस्थितकुलतीनएकड़भूमिमें10छोटे-बड़ेतालाबखोदवारखेहैं।इनतालाबोंमें12माहपानीभरारहताहै।साथहीबारिशकेपानीकेसंचयकेलिएआस-पासकेखालीभूमिसेनालियांभीबनाईगईहै,जिससेपानीतालाबोंमेंआसके।शिक्षकसुधीरश्रीवास्तवनेकहाकिप्राचीनकालमेंजलकोएकअनमोलसंपदाकेरूपमेंदेखाऔरसमझाजाताथा।वास्तवमेंहरप्राचीनसंस्कृतिपानीकोपवित्रसंसाधनकेरूपमेंदेखतीथी,परंतु20वींसदीमेंऔद्योगिकक्रांतिकेउदयऔरउसकेफलस्वरूपपश्चिमीभौतिकवादकेआगमननेप्राकृतिकसाधनोंकोदेखनेकादृष्टिकोणहीगैरपारंपरिकबनादियाहै।अगरसमयरहतेजलसंचयनकेप्रतिसभीनहींचेते,तोभविष्यमेंइसकेगंभीरसंकटसेजूझनापड़ेगा।करीब20लोगोंकोमिलारोजगार

शिक्षकसुधीरतालाबमेंमत्स्यपालनभीकरतेहैं।जिससेइनकीआर्थिकस्थितिमजबूतहोतीहैं।साथहीसाथइसमेंबेलवाटीकरकेकरीब20लोगोंकोरोजगारभीमिलाहै।गोरखपुरऔरमहराजगंजकेव्यापारीइसेतालाबपरहीजाकरमछलीखरीदकरलेजातेहैं।

By Doherty