संवादसूत्र,दिड़बा(संगरूर):कृषिकानूनोंकेविरोधमें19दिनोंसेदिल्लीचलरहेधरनेमेंपंजाबकेकिसानबड़ीसंख्यामेंशिरकतकररहेहैं।इससमयसंगरूरजिलेसेलगभग25हजारकिसानदिल्लीधरनेमेंपहुंचचुकेहैं।गांव,घरवखेतसभीसूनेपड़ेदिखरहेहैं।ऐसेमेंकिसीसमयएकसाथजुड़करबैठनेवालेबुजुर्गों,नौजवानोंवकिसानोंकेबगैरगांवकीचौपालेंसूनीपड़ीहैं।अबइनचौपालोंमेंसन्नाटापसरारहताहै।इनचौपालोंपरनकेवलबुजुर्गबैठकविभिन्नमुद्दोंपरचर्चाकरतेथे,बल्किगांवकेअधिकतरमसलोंपरयहांपरहीनिपटाराहोताथा।

गांवकेबुजुर्गजगजीतसिंह,जरनैलसिंहवजगदेवसिंहआदिनेबतायाकिसंघर्षसेपहलेवहटोलीबनाकरबरगदकेपेड़ोंकेनीचेअक्सरइक्ट्ठाहोकरबैठतेथे।जहांपरएक-दूसरेसेसलाह,दुख-सुख,खेतीबाड़ी,परिवारसंबंधीबातचीतहोतीथी।नौजवानताशकीबाजीमेंजुटजातेथे,परन्तुजबसेकेंद्रसरकारनेकिसानोंपरकृषिकानूनोंकाफरमानजारीकियाहै,उसीदिनसेइनचौपालोंकीरौनकगायबहोगईहै।अबतोदिन-रातयहीसोचसतातीहैकियदिखेतीनरहीतोआनेवालीनस्लोंकाक्याहोगा।

उन्होंनेबतायाकिघरपररहकरवहघरवखेतदोनोंकाकामसंभालतेहैं,लेकिनफिरभीउन्हेंउम्मीदहैकिसरकारकिसानोंकेसंघर्षकोदेखकरअपनाफैसलाबदलेगीऔरपंजाबकेकिसान,नौवजानवबुजुर्गएकबारफिरसेमिलकरपेड़ोंकेनीचेअपनीसभालगाएंगेऔरगांवोंमेंफिररौनकलौटेगी।उन्होंनेकेंद्रसरकारसेकृषिकानूनोंकोरदकरनेकीमांगकीहै।

By Dunn