[ संतोषत्रिवेदी]:लोकतंत्रऔरसंविधानबचानेकीकसमखाकरवहजैसेहीबाहरनिकले,हमउनकीओरलपके।वहभारीभीड़सेघिरेथे।हमेंदेखतेहीउन्होंनेकार्यकर्ताओंकोकिनारेकरदिया।उन्हेंंशुभकामनादेतेहुएहमनेसमयमांगातोबोले,‘मुझेखुशीहैकिआपमेरीआवाजजनतातकपहुंचारहेहैं।कहिएकहांचलकरबातकरें?’उनकीइसउदारतापरनिछावरहोतेहुएमैंनेतुरंतप्रस्तावफेंका,‘कोनेमेंठीकरहेगा?’वहहंसतेहुएबोले,‘क्योंनहीं!बसहमेंअखबारकेकोनेमेंमतधकेलदीजिएगा।मेरीसंघर्ष-कथाकोयदिमुख्यपन्नेपरस्थानमिलेतोजनताकाबड़ाहितहोगा।’

‘आपकोमंत्रिमंडलमेंशामिलहोनेपरकैसालगरहाहै?’

उनकीयहबातसुनकरमैंदंगरहगया।ऐसेसमयमेंजबजनहितकाभयंकर‘टोटा’पड़ाहो,उसकीबातभीकरनाकिसीदुस्साहससेकमनहीं,तबउनकाजनताऔरउसकेहितकेबारेमेंसोचनासोनेपरसुहागाहै।तसल्लीहुईकिसहीआदमीसेसवालकररहाहूं।बिनादेरीकिएमैंनेबातजारीरखी,‘आपकोमंत्रिमंडलमेंशामिलहोनेपरकैसालगरहाहै?’‘जी,मंत्रीपदमिलनाकोईलॉटरीलगनेजैसानहींहै।

पुरानीविचारधारात्यागी,नईनिष्ठापकड़ी,पुरानीपार्टीएवंपुरानेसमीकरणतोड़े

हमनेइसकेलिएबकायदाहोमवर्ककियाहै।पुरानीविचारधारात्यागी।नईनिष्ठापकड़ी।पुरानीपार्टीएवंपुरानेसमीकरणतोड़े।जातीय,क्षेत्रीयऔरचुनावी-एंगलवालेकईटेस्टपासकिए।तबयहांतकआएहैं।इतनीमेहनतकाफलतोमिलनाहीथा।अबमैंसुखऔरदुखजैसेसांसारिकचोंचलोंसेपरेहोगयाहूं।पहलेमुझेजोविकरालसमस्याएंलगतीथीं,अबजरूरतेंलगनेलगीहैं।हमारेसोचकादायरापेट्रोल-पंपकेमीटरसेभीज्यादाबढ़रहाहै।हमेंसाफऔरसिर्फबेहतरदिखेइसलिएचश्माभीबदललियाहै।इससेभ्रष्टाचारऔरमहंगाईजैसीसारहीनचीजेंदिखतीहीनहीं।निवेदनहैकिसवालभीआपजरासलीकेवालेकरें।ट्विटरजैसाव्यवहारकतईनकरें।’

मेरेलिएजनसेवासर्वोपरि

‘आपबिल्कुलनिसाखातिररहें।हमबहुतजिम्मेदारहैं।यहसुननेमेंआयाहैकिनाराजगीकेचलतेआपकोमौकादियागया।आखिरकिसबातसेनाराजथेआप?’अपनेसुरकोऔरमधुरबनातेहुएहमनेपूछलिया।‘देखिए,हमेंकिसीपदकीलालसाकभीनहींरही।हमारापूराजीवनसंघर्षमेंबीताहै।संघर्षकरतेगए,पदअपनेआपमिलतेगए।हां,मेरेलोगजरूरनाराजथे।कार्यकर्ताओंनेहमेंजितानेकेलिएकड़ासंघर्षकियाथा।उनकासंघर्षव्यर्थहोजातायदिमैंजनताकीसेवानकरपाता।बड़ेदिनोंबादघरमेंबच्चेबहुतखुशहैं।कार्यकर्ताओंसेज्यादारिश्तेदारोंकेफोनआरहेहैं।इसकेलिएहमआलाकमानकेशुक्रगुजारहैं।दरअसलजबभीमुझेजनसेवाकरनेसेवंचितकियाजाताहै,विद्रोहीहोउठताहूं।इसकेलिएमैंकिसीबातकालिहाजनहींकरता।मेरेलिएजनसेवासर्वोपरिहै।वहहमहरहालमेंकरकेरहेंगे।मेरेइससंकल्पकेपीछेखासवजहहै।बचपनमेंहीएकबड़ेज्योतिषीनेबतायाथाकिमेरीकुंडलीमेंराजयोगहै।फिरइसेनकारनेवालेहमऔरआपकौनहोतेहैं!’वहअपनेमंत्रालयकीनईबनीइमारतकीओरनिहारतेहुएबोले।

आलाकमानकोचकमकपत्थरनहीं,पारसचाहिए

तभीसामनेसेमास्कलगाएदूसरेसज्जनतेजीसेनिकलतेदिखाईदिए।हमनेउनकोटोकदिया।‘भई,मैं39मिनटपहलेतकमंत्रीथा,अबनहीं।अबमुझसेक्यापूछोगे?’हमनेबड़ीमासूमियतसेपूछा,मंत्रिमंडलसेआपकीनिकासीकेपीछेक्याकारणरहे?’‘ज्यादाकुछतोमुझेभीनहींमालूम,परसुननेमेंआरहाहैकिआलाकमानकहताहैकिउसेचकमकपत्थरनहीं,पारसचाहिए।ऐसाबंदाहोजोएकसाथकईकामनिपटासके।विपक्षीइतनेभरसेहीलहालोटहैंकिकुछपक्षियोंकेपरकतरेगएहैं।कुछयहभीकहरहेहैंकिबहुतदिनोंबादआखिरकारसरकारकेहाथमास्टर-स्ट्रोकलगाहै।बाकीअसलस्ट्रोककिसेलगाहै,यहआपलोगहीबताएंगे।मैंतोबसइतनाजानताहूंकिमेरेप्रदेशमेंफिलहालचुनावनहींहैं।मेरीकिस्मतहीखराबहै।’यहकहतेहुएवहआगेबढ़गए।

दूरएक‘चिराग’जलरहाथा

तबतकभीड़छंटचुकीथी।कसमखानेवालेमंत्रीभीजाचुकेथे।शामकाधुंधलकागहरानेलगाथा।मैंअखबारकेदफ्तरकीओरनिकलपड़ा।देखा,दूरअभीभीएक‘चिराग’जलरहाथा।

[लेखक हास्य-व्यंग्यकारहैं]

By Fisher