(त्रिशामुखर्जी)नयीदिल्ली,13दिसंबर(भाषा)खेतऔरपरिवारकीजिम्मेदारियोंसेघिरीपंजाबऔरहरियाणाकीसैकड़ोंमहिलाएंअबकिसानोंकेआंदोलनमेंशामिलहोकरअपनीव्यस्तजिंदगीकेएकअलगहीपहलुसेरुबरुहोरहीहैं।दोनोंराज्योंसेआईंयेमहिलाएंदिल्लीकेविभिन्नप्रवेशमार्गोंपरकिसानोंकेसाथकृषिकानूनोंकाविरोधकररहीहैं।केंद्रद्वारालाएगएतीनकृषिकानूनोंकाविरोधकरनेकेलिएजबउनकेपति,बेटाऔरभाईघरसेनिकलेतोवेभीउनकेसाथहोलींऔरगांवसेराष्ट्रीयराजधानीकीतरीफकूचकरदिया।लुधियानाकीरहनेवाली53वर्षीयमनदीपकौरनेकहा,‘‘खेतीकेपेशेकीपहचानलिंगसेनहींकीजासकतीहै।हमारेखेतोंमेंमर्दऔरऔरतकेआधारपरफसलपैदानहींहोती।कईपुरुषकिसानयहांप्रदर्शनकररहेहैं।ऐसेमेंहमेंघरोंमेंक्योंबैठनाचाहिए।’’उन्होंनेरूढ़िवादीभूमिकाकोभीखारिजकरदिया।मनदीपबसकेजरियेसिंघुबॉर्डरपरआईजहांपरकरीबदोहफ्तेसेकिसानोंकाप्रदर्शनचलरहाहैऔररातमेंप्रदर्शनकरघरलौटगई।उन्होंनेकहा,‘‘मैंवापसआऊंगी।हमेंअपनाघरभीदेखनाहैऔरलड़ाईभीजारीरखनीहै।यहांआनेसेपहलेमैंनेखेतोंमेंसिंचाईकीऔरमेरेलौटनेतकउसमेंनमीरहेगी।’’उल्लेखनीयहैकिदिल्लीकोपंजाबकेशहरोंसेजोड़नेवालेमुख्यमार्गटिकरीऔरसिंघुबॉर्डरपरजहांपुरुषप्रदर्शनकारीजमेंहुएहैं,वहींमहिलाएंप्रदर्शनस्थलऔरअपनेघरोंकेबीचसंतुलनबनानेकेलिएआ-जारहीहैंताकिघरऔरखेतोंकीदेखभालभीकरसकेंऔरप्रदर्शनमेंभीअपनीहिस्सेदारीसुनिश्चितकरसकें।मनदीपकेसाथबससेपांचघंटेकासफरकरलुधियानासेसिंघुबॉर्डरउनकीपड़ोसीसुखविंदरकौरभीपहुंचीहैं।कौर68वर्षीयविधवाहैंऔरघरमेंबैठकरउबगईथींक्योंकिपरिवारकेपुरुषसदस्यप्रदर्शनस्थलपरहैंऔरइसलिएउन्होंनेथोड़ेसमयकेलिएहीसहीलेकिनदिल्लीकीसीमापरआनेकाफैसलाकिया।उन्होंनेकहा,‘‘मैंरातकोठीकसेसोनहींपारहीथी।मैंघरमेंनहींबैठसकतीजबभाईऔरभांजेऔरमेरेसभीकिसानभाईयहांलड़रहेहैं।यहांआनेपरपहलीबाररातकोमैंठीकसेसोई।’’उन्होंनेकहाकियहांपरसुविधानहींहैऔरशौचालयकीसमस्याहैलेकिनइससेकोईफर्कनहींपड़ता।उल्लेखनीयहैकिमनदीपकौरसहितसैकड़ोंमहिलाएंअंतरराष्ट्रीयगैरसरकारीसंगठनखालसाऐडद्वारामुहैयाकराएगएटेंटमेंरहरहीहैं।

By Farmer