जागरणसंवाददाता,करनाल:केंद्रीयमृदालवणताअनुसंधानसंस्थानमेंलवणप्रभावितक्षेत्रोंमेंकिसानोंकीआयदोगुनीकरनेकेलिएतकनीकविषयपर5दिवसीयप्रशिक्षणकार्यक्रमआरंभहुआ।समन्वयकवप्रभागाध्यक्षडॉ.अनिलकुमारनेबतायाकिकार्यक्रम19से23अगस्ततकहोगा,जिसमें15वैज्ञानिकवतकनीकीप्रतिभागीभागलेरहेहैं।इसदौरान20व्याख्यानव8प्रेक्टिकलआयोजितकिएजाएंगे।डीडब्ल्यूआरकेनिदेशकडॉ.ज्ञानेंद्रप्रतापसिंहनेप्रशिक्षणकार्यक्रमकेमहत्वकेबारेमेंचर्चाकी।उन्होंनेकृषिक्षेत्रमेंआरहीचुनौतियोंकेबारेमेंबतायाकिइससमयकृषियोग्यभूमिकमहोरहीहै।सिचितभूमिक्षेत्रमेंकमीआरहीहै।लक्ष्यकोप्राप्तकरनेकेलिएसरकारने11कार्यदलबनाएहैं।जोसमय-समयपरसरकारकोसुझावदेतेहैं।इसलक्ष्यकीप्राप्तिकेलिएपरिषदकेसंस्थान,राज्यसरकारकीएजेंसियांवकिसानमिलकरकार्यकररहेहैं।समेकितकृषिप्रणालीकिसानोंकीआयदोगुनीकरनेमेंमहत्वपूर्णभूमिकानिभासकतीहै।इसप्रणालीमेंधानगेहूंकेसाथ-साथकृषिवानिकी,बागवानीवमछलीपालनशामिलहैं।छोटीजोतकेकिसानोंकेलिएयहप्रणालीएकवरदानशामिलहुईहै।उन्होंनेसभीप्रतिभागियोंसेआह्वानकियाकिनईतकनीकियोंकेबारेमेंजोज्ञानवहप्राप्तकरकेजाएंउसकाअपने-अपनेक्षेत्रमेंउपयोगवप्रचार-प्रसारअवश्यकरेंताकिकिसानोंकोअधिकसेअधिकलाभहो।

संस्थानकेनिदेशकडॉ.प्रबोधचन्द्रशर्मानेसंस्थानकीगतिविधियोंपरविस्तारसेप्रकाशडाला।उन्होंनेकहाकियहसंस्थानकल्लरभूमिकेसुधारकेलिएसन1969सेकार्यरतहै।देशमेंइससमय15राज्योंमें6.73मिलियनहेक्टेयरभूमिलवणताग्रस्तहैतथालवणताकीसमस्याबढ़रहीहै।हरियाणा,पंजाबतथाउत्तरप्रदेशमेंसंस्थानने2मिलियनहेक्टेयरभूमिकासुधारकियाहै।संस्थानद्वाराजिप्समतकनीकी,जलनिकासप्रणाली,जलरिचार्ज,संसाधनसंरक्षणप्रणाली,सीएसआरबायोकाविकासकियागयाहै।संस्थानद्वाराधानगेहूंवसरसोंचनाकीलवणसहनशीलप्रजातियोंकाविकासकियागयाहै।यहप्रजातियांकल्लरवसामान्यभूमिमेंअन्यप्रजातियोंकीअपेक्षाअधिकउपजदेतीहैं।इसमौकेपरडॉ.रंजयकुमारसिंह,डॉ.प्रवेंद्रश्योराण,डॉ.आरकेसिंहमौजूदरहे।

By Edwards