संवादसहयोगी,कलायत:विद्यार्थियोंकानामांकननबढ़ापानेवालेसरकारीस्कूलोंकोलेकरसरकारढीलदेनेकेपक्षमेंनहींहै।जिनस्कूलोंमेंछात्रसंख्या25सेकमहै,उन्हेंनजदीककेहीस्कूलमेंविलयकरनेकियाजासकताहै।फिलहालजिसप्रकारकीस्थितिकलायतखंडकेस्कूलोंकीहै,उसकेअनुसारखंडमेंतीनस्कूलऐसेहैं,जिनमेंछात्रसंख्याकमहै।

इससंबंधमेंजबखंडशिक्षाअधिकारीपरनीतामधोकसेजानकारीलीतोउन्होंनेबतायाकिजिलामौलिकशिक्षाअधिकारीद्वारामांगीगईजानकारीप्रेषितकरदीगईहै।

इसकेतहतराजकीयप्राथमिकपाठशालारत्नपुरा,भालंगवकलायतमंडीस्कूलमेंइससमयछात्रसंख्या25सेकमहै।रत्नपुरास्कूलमेंअभीतककेवलमात्रपांच,भालंगस्कूलमें20औरकलायतमंडीमेंछात्रसंख्या24है।शिक्षाविभागद्वाराजारीनिर्देशोंकीपालनाकरतेहुएशीर्षअधिकारियोंकोरिपोर्टभेजीगईहै।इससंदर्भमेंशिक्षाविभागद्वाराजोभीनिर्णयलियाजाएगाउसकीजमीनीस्तरपरपालनासुनिश्चितहोगी।

स्कूलमुखियाओंकीलीजाएगीबैठक:

खंडशिक्षाअधिकारीपरनीतामधोकनेबतायाकिकोरोनावायरसकेचलतेइससमयजहांशिक्षणसंस्थानबंदहैं,वहींऑनलाइनप्रवेशप्रक्रियाजारीहै।कलायतखंडकेजिनतीनस्कूलोंमेंछात्रसंख्याफिलहालकमहैउनमेंछात्रसंख्याबढ़ानेकाप्रयासकियाजाएगा।इससंबंधमेंस्कूलोंकेमुखियाकीमीटिगआयोजितकरउन्हेंशारीरिकदूरीकीपालनाकरतेबच्चोंकेअभिभावकोंसेमिलबच्चोंकोस्कूलमेंप्रवेशदिलानेकेप्रतिप्रेरितकियाजाएगा।

आखिरक्योंकमहोरहीछात्रसंख्या:

प्रदेशकेसरकारीस्कूलोंमेंसरकारद्वारापूर्वकीतुलनामेंआधुनिकसहूलियतप्रदानकरनेदावेनिरंतरकिएजातेरहेहैं।बावजूदइसकेआखिरकारऐसेकौनसेकारकहैंजिनकेकारणसरकारीस्कूलोंमेंछात्राओंकीसंख्याबढ़नेकीबजाएकमहोतीजारहीहै?इसविषयपरशिक्षाविभागद्वाराचितन-मंथनकरनेकीजरूरतहै।