जागरणसंवाददाता,औरंगाबाद।ऑलइंडियाइवेंटआर्टिस्टएसोसिएशनशाखाऔरंगाबादकेजिलाध्यक्षसहदानिकासंगीतमहाविद्यालयकेनिदेशकडॉ.रविंद्रकुमारनेप्रेसविज्ञप्तिजारीकरकोरोनाकालमेंकलाकारोंकीस्थितिपरचिंताजाहिरकीहै।अपनेबयानमेंकहाहैकिकोरोनाकालमेंकलाकारबेरोजगारहोगएहैं।

दोशामकीरोटीजुगाड़करनामुश्किलहोरहाहै।कलाकारोंपरनसरकारकाध्यानहैऔरनहींप्रशासनका।सांस्कृतिककार्यक्रमबंदहोनेकाअसरएकवर्षसेकलाकारोंपरपड़रहाहै।स्थितियहहैकिकलाकाररोजगारकीखोजमेंभटकरहेहैं।किसीकाध्यानकलाकारोंपरनहींहै।डॉ.रविंद्रनेमुख्यमंत्री,सांस्कृतिकमंत्रीएवंजिलाप्रशासनसेकलाकारोंकेहितमेंनिर्णयलेनेकाआग्रहकियाहै।कहाहैकिअधिकांशकलाकारयातोनिजीविद्यालयमेंपढ़ातेहैंयाशादी-विवाहकेमौसममेंसांस्कृतिककार्यक्रमप्रस्तुतकरअपनेपरिवारकीजीविकाचलातेहैं।

निजीविद्यालयवालेभीकलाकारोंकाशोषणकरतेहैं,लेकिनएकवर्षोंसेविद्यालयभीबंदहैजिसकारणकलाकारोंकोआर्थिकसंकटसेगुजरनापड़रहाहै।डॉ.रविंद्रनेसवालउठायाहैकिदूरदर्शनएवंआकाशवाणीमेंजोकलाकारपहलेसेकार्यकरतेहैंवहीकार्यक्रमदेतेहैं।बाहरीकलाकारोंकोमौकानहींमिलताहै।सरकारसेसभीविद्यालयोंमेंसंगीतशिक्षककीबहालीकरनेकीमांगरखीहै।कहाकिविद्यालयोंमेंअगरसंगीतकीपढ़ाईप्रारंभहोतीहैतोइसकालाभकलाकारोंकोमिलेगा।

By Dunn