यशलोकसिंह,गुरुग्राम

कोविड-19महामारीकेदौरानदेशहीनहींदुनियाभरमेंडिजिटलगतिविधियांतेजीसेबढ़ीहैं।इससेसाइबरअटैककेखतरेकीसंभावनाभीबढ़गईहै।साइबरविशेषज्ञोंकीमानेंतोसाइबरहमलावरोंकेनिशानेपरहरकोईऐसाव्यक्तिहैजोऑनलाइनप्लेटफार्मपरसक्रियहै।डिजिटललेनदेनकरनेवालोंकोसबसेअधिकखतराहै।इसेदेखतेहुएसाइबरसिटीकीआइटी-बीपीओसहितअन्यक्षेत्रकीकंपनियोंनेभीअपनीडिजिटलसिक्योरिटीकोलेकरसक्रियताबढ़ादीहै।नेशनलएसोसिएशनऑफसॉफ्टवेयरएंडसर्विसेजकंपनीज(नेस्कॉम)कीतीनदिवसीयएनुअलटेक्नोलॉजीई-कॉन्फ्रेंसकेदौरानभीयहमुद्दाप्रमुखतासेउठा।यहकॉन्फ्रेंस27से29मईतकचलीथी।

कोरोनावायरसकेबढ़तेखतरेकेदौरानइससेसंबंधितवेबसाइट्सकीजैसेबाढ़आगईहो।लोगोंकेपासइसबीमारीसेसंबंधितकईप्रकारकेई-मेलऔरसंदेशआनेलगे।इनसंदेशोंकेजरिएलोगोंकेपासरैनसमवेयरऔरट्रोजनजैसेमेलवेयरभीपहुंचनेलगेहैं।फिशिगकेभीप्रयासहोरहेहैं।आइटीविशेषज्ञोंकाकहनाहैकियहसमयसाइबरसिक्योरिटीकीदृष्टिसेबहुतसंवेदनशीलहै।रोजानासैकड़ोंसाइबरहमलेहोरहेहैं।मार्चकेअंतिमपखवाड़ेमेंदुनियाभरमेंकोरोनावायरससेजुड़ी30हजारसेअधिकनईवेबसाइटपंजीकृतहुईं।इनमेंसेलगभगडेढ़सौवेबसाइट्सबहुतखतरनाकपाईगईं।वर्तमानमेंकोरोनासेसंबंधित50हजारसेअधिकवेबसाइटबनचुकीहैं।

आइटीविशेषज्ञरजतश्रीवास्तवकाकहनाहैकिकोरोनासंकटकेदौरानवर्कफ्रॉमहोमकाकल्चरबढ़ाहै।आइटीसेक्टरकीबातकीजाएतोबड़ीसंख्यामेंपेशेवरअभीभीघरसेहीकामकररहेहैं।ऐसेमेंसाइबरसिक्योरिटीएवंडाटासिक्योरिटीकाफीअहमहोगयाहै।कंपनीकार्यालयमेंफायरवॉलकीसुरक्षामिलतीहै,मगरघरपरफायरवॉलकीसुरक्षानहींमिलतीहै।ऐसेमेंसावधानीजरूरीहै।घरसेकामकरनेवालेसिगलयूजर्ससाइबरअटैककेसबसेआसानटारगेटमानेजातेहैं।ऐसेबचेंइससे

-अनजानई-मेलयासंदेशकोलेकररहेंसावधान

-लुभावनेऑफरवालेई-मेलयासंदेशकोनखोलें

-कोरोनाकाहरहालमेंइलाजकीगारंटीवालेई-मेलयासंदेशसेविशेषसावधानीबरतें

-सोशलमीडियापरथर्ड-पार्टीएपकोफोनयालैपटॉपमेंडाउनलोडनकरें

-गेमिगएपकाइस्तेमालकरनेसेपहलेउसकीजांचपड़तालजरूरी

-ई-मेलयामोबाइलपरआनेवालेकिसीलिकपरक्लिककरनेसेबचें

By Dodd