पटना[जेएनएन]।हजारवपांचसौकेनोटपरप्रतिबंधसेबिहारमेंमुर्देभीपरेशानहैं।परिजनोंकेपासअगरखुल्लेपैसेनहींहैंतोकफनवजलानेकीलकड़ीतकपरआफतहै।राज्यकेसबसेबड़ेअंत्येष्टिस्थलपटनाकेबांसघाटपरइनदिनोंऐसाहीनजाराहै।अन्यइलाकोंसेभीऐसीखबरेंलगातारमिलरहीहैं।नहींदेरहेअंतिमसंस्कारकेसामानपटनाकेबांसघाटपररोजानादर्जनोंशवअंतिमसंस्कारकेलिएलाएजातेहैं।लेकिन,इनदिनोंवहांपरिजनोंकोशवोंकेअंतिमसंस्कारमेंपरेशानीहोरहीहै।वहांहजार-पांचसौकेनोटरहनेपरदुकानदारअंतिमसंस्कारकेसामाननहींदेरहे।यहांतककिसरकारीविद्युतशवदाहगृहमेंभीअंतिमसंस्कारसेमनाकरदियाजारहाहै।ऐसातबहोरहाहै,जबयहांप्रतिबंधितरुपयोंकोलेनेकासरकारीआदेशहै।पढ़ें:देशमें500व1000केनोटहुएबंदतोयेबोलासोशलमीडिया,जानिए...घाटपरशवरखघूमनेकीपरेशानीआजअपनेपरिजनकेशवकेसाथबांसघाटपहुंचेसंजयकुमारनेकहा,''किसीतरहएंबुलेंससेपहुंचे।एंबुलेंसचालकनेभीहजार-पांचसौकेनोटनहींलिए।अबघाटपरशवरखकरपरेशानघूमरहेहैं।नलकड़ीमिलरही,नकफनउपलब्घहै।''पैसारहतेहुएभीबनेभिखारीसुनीलकुमारबख्तियारपुरसेपहुंचेहैं।कहतेहैं,''पैसारहतेहुएभीभिखारीबनाघूमरहाहूं।सोचानहींथाकियेदिनदेखनेपड़ेंगे।अबनोटबदलनेबैंकजाएंयाअंतिमसंस्कारकरें,समझमेंनहींआरहा।''पढ़ें:पांचसौकेनोटलेकरमांकेकफनकेलिएभटकतारहाबेटा,फिर...राज्यकेअन्यभागोंमेंभीऐसेहीहालातऐसीघटनाएंपटनाकेअलावापूरेबिहारमेंहोरहीहैं।मधेपुराकेवार्डनंबर11मेंमो.इनामुलअपनीमांकेकफनकेलिए500रुपयेकानोटलेकरभटकतारहा,कोईभीदुकानदारउसेकफनदेनेकोतैयारनहींहुआ।थककरउसनेघटनाकीजानकारीवार्डपार्षदकोदी।उनकीमददकेबादहीइनामुलकीमांकोकफनमिला।उन्होंनेछोटेरुपयोंकाजुगाड़किया,जबजाकरमांकीअंत्येष्टिहोसकी।गुरुवारको70सालकीएकवृद्धाअपनीबहूकीलाशघरपरछोड़करमुजफ्फरपुरकीएसबीआइ(रेडक्रॉसशाखा)नोटबदलनेकेलिएपहुंची।लेकिन,नोटनहींबदलेजासके।बैंकमैनेजरसीपीश्रीवास्तवनेबतायाकिपहचानपत्रकेअभावमेंनोटोंकोबदलनासंभवनहींहोसका।खामोशहैंनेताओंकीजुबानबहरहाल,नोटबंदीकेनिर्णयसेमुर्दोंवउनकेपरिजनोंकीपरेशानीदेखनेवालाकोईनजरनहींआरहा।इसपरनेताओंकीजुबानभीखामोशहै।

By Farmer