जागरणसंवाददाता,बस्ती:कोरोनासंक्रमणकालमेंमिलेदर्दकिसीकेलिएकमनहींथे।वैश्विकमहामारीनेकइयोंकीरोजी-रोटीछीनलीथी।अच्छाखासाचलरहेकाम-धंधापरअचानकब्रेकलगादिया।जोलोगसुखमयजीवनजीरहेथे,उनकेजीवनमेंअचानकबाएइसआफतसेघर-गृहस्थीतबाहकरदिया।उसीबीचसंक्रमणकाखतराजबऔरबढ़ातोलाकडाउनकीजंजीरोंमेंदेशजकड़गया।लाकडाउनकाअसरसीधेतौरपरप्राइवेटनौकरीपेशावकारोबारकरनेवालोंपरदिखा।कुछदिनइंतजारकिए,लेकिनस्थितिसामान्यहोतीनहींदिखीतोबने-बनाएकारोबारकोछोड़घरकीओरचलदिए।गांवपहुंचेलोगलाकडाउनकेदर्दकोभूल,नयाकारोबारखड़ाकरदिए।अबवहकारोबारयहांकुलांचेभररहेहैं।

बस्तीआवासविकासनिवासीयुवाउद्यमीविवेकओझानेकुछऐसाहीकरदिखायाहै।परंपरागतकारोबारकोछोड़नयामार्गअपनातेहुएरोजगारखड़ाकिया।आजउसरोजगारसेकईपरिवारोंकोजोड़करखुदकेसाथउनकाजीवनसंवाररहेहैं।विवेकबतातेहैंकिलाकडाउनकेदौरानपरंपरागतकारोबारमेंगिरावटदर्जहुई।मूलव्यवसायमेंनुकसानदेखतेहुएनयाउद्यमशुरूकियाऔरअबउसकारोबारसेसमृद्धिकीगाथालिखरहेहैं।बतायाकिहोटलमैनेजमेंटमेंस्नातककरकेताजहोटललखनऊसेट्रेनिगलेनेकेबाददिल्लीकेनंबरवनरेस्टोरेंटमेंकार्यभीकियाथा।कोरोनाकालमेंतीनमाहगुड़गांवमेंजैसे-तैसेबितायागया।जुलाईमेंघरवापसीकिए।उसवक्तरेस्टोरेंटकारोबारबुरेहालतसेगुजररहेथे।बस्तीआएऔरयहांरेस्टोरेंटकोनएसिरेसेशुरूकिए।आजरेस्टोरेंटसेखुदकोपुन:पैरपरखड़ाकियाऔरदूसरोंकोरोजगारदेरहेहैं।बतातेहैंकिकोरोनाकालमेंघरलौटेमहानगरोंसेलौटेकरीबआधादर्जनकर्मचारीकोरोजी-रोटीदिएहैं।वहभीखुशहालजीवनजीरहेऔरलाकडाउनकेदर्दकोभूलकारोबारमेंमस्तहैं।