गोपालगंज।गोपियांआत्मतत्वकाप्रतीकहैंतथाकान्हाकेअधरोंपरसजीविश्वमोहिनीबांसुरीपूर्णसमर्पणकाप्रतीकहै।बांसुरीएकसूखाखोखलाबांसकाटुकड़ाहै,जिसकाअपनाकुछनहीं,नआवाजनसुर।उसमेंस्वरलहरियांप्रभुकेअधरोंपरसजनेसेहीप्रस्फुटितहोतीहैं।यहप्रभुकेहाथकायंत्रहै।जिसक्षणएकभक्तअपनेअंदरकेमैंकात्यागकरप्रभुकेहाथकायंत्रहोजाताहैउसीक्षणआत्मतत्वसमाजाताहै।येबातेंपंचदेवरीहाईस्कूलकेखेलमैदानमेंआयोजितश्रीमद्भागवतकथाज्ञानयज्ञमेंआशुतोषमहाराजकीशिष्याभागवताचार्यमहामनश्विनीसाध्वीपद्महस्ताभारतीनेकथाप्रवचनकेदौरानकही।उन्होंनेरासलीलाकेपीछेछिपेहुएआध्यात्मिकरहस्योंकोउजागरकरनेकेसाथ-साथलोगोंकेसंशयात्मकदृष्टिकोणकोभीदूरकिया।उन्होंनेरासलीलाकाअर्थबतातेहुएकहाकिजिसरसकेअनुभवसेआनंदकीप्राप्तिहोतीहै।वहरसहैपरमात्मा।श्रुतिकाकथनहैपरमात्माहीरसहै।श्वेतास्वरउपनिषदमेंभीइससंबंधमेंकहागयाहैकिसमस्तविश्वकेनिवासीउसअमृतरसरूपीईश्वरकेसंतानहैं।जबआत्माऔरपरमात्माकामिलनहोताहैतभीरास-लीलाहोतीहै।यहअंतरकीस्थितिहैऔरयहआंतरिकमिलनकेवलपूर्णसतगुरुकेद्वाराहीसंभवहै।श्रीकृष्णनेभीबाल्यकालमेंहीगोपगोपियोंकोब्रह्मज्ञानप्रदानकियाथा।जिसकावर्णनश्रीमद्भागवतमहापुराणमेंहै।उन्होंनेकहाकिजिसप्रकारशबरीऔरकेवटनेप्रभुश्रीरामसेअनन्यप्रेमस्थापितकिया।इसीप्रकारद्वापरमेंभीभगवानश्रीकृष्णकेसाथगोपियोंकाअनन्यप्रेमथा।वहप्रभुकेप्रेममेंमग्नहोचुकीथीं।लेकिनआजलोगोंकीमानसिकताकापतनहोचुकाहै।प्रभुकेजीवनकेप्रत्येकपहलूसेकोईनकोईसीखवसंदेशप्रस्तुतहैं।जिसेअपनेजीवनमेंधारणकरनेसेहरमानवदुखऔरक्षोभकोछोड़करआनंदकोप्राप्तकरसकताहै।यज्ञमेंजिलापरिषदअध्यक्षमुकेशपाण्डेय,तरूणकुमार,संजय¨सह,मैनेजरप्रसादगुप्ता,बालेश्वरशर्मा,परशुरामजायसवाल,जगन्नाथबैठा,अशोकतिवारी,संतोषप्रसाद,हरेंद्रराय,डॉ.उपेंद्रपाण्डेय,अंशुतिवारीसहितसैकड़ोंकीसंख्या

मेंश्रद्धालुमौजूदरहे।

By Edwards