गिरिडीह:जैनधर्मकेसबसेबड़ेतीर्थस्थलपारसनाथमें24तीर्थंकरोंमेंसे20नेनिर्वाणप्राप्तकियाथा।दोनोंसंप्रदायदिगंबरएवंश्वेतांबरकेअधिकांशसंतपारसनाथकीतराईमेंस्थितमधुबनमेंचातुर्मासकेदौरानचारमहीनेतकतपएवंसाधनाकरतेहैं।दिगंबरसमाजकेप्रख्यातसंतआचार्यविशुद्धसागरजीमहाराजसमेतकईप्रमुखआचार्यवमुनिमधुबनपहुंचचुकेहैं।कोरोनासंक्रमणकेकारणजैनसंतोंकायहांबड़ाआयोजननहींहोगा।मगरआचार्यसेआशीर्वादलेनेदेशभरसेश्रद्धालुयहांपहुंचेंगे।मधुबनकीकोठियोंमेंजैनसंत23जुलाईसेचातुर्मासमेंप्रवेशकरेंगे।कलशस्थापनाकेसाथइसअनुष्ठानकीशुरूआतहोगी।इसदिनसेदिवालीकेदूसरेदिनतकसंतदिनभरध्यान,साधनाऔरतपकरेंगे।बरसातमेंवेयहांसेबाहरनहींनिकलेंगे।चारमहीनेतकमधुबनमेंभक्तिऔरज्ञानकासमागमहोगा।

विशुद्धसागरजीमहाराजसमेतसौसेअधिकसंतपहुंचेमधुबन:

दिगंबरएवंश्वेतांबरसमाजकेसौसेमुनियहांआगएहैं।जैनसमाजकेआचार्यविशुद्धसागरकेअलावाआचार्यप्रसन्नसागरजीमहाराज,मुनिप्रमाणसागरजीमहाराज,मुनिनिरंजनसागरजीमहाराज,श्वेतांबरसमाजकेमुनिहेमशेखरविजयजीमहाराजएवंसाध्वीप्रियअस्मिताश्रीजीमधुबनआगईहैं।आचार्यविशुद्धसागर13पंथीकोठी,आचार्यप्रसन्नसागर20पंथीकोठी,प्रमाणसागरगुणायतन,हेमशेखरविजयजीमहाराजराजेंद्रधामएवंसाध्वीप्रियअस्मिताश्रीजीजैनश्वेतांबरसोसाइटीमेंचातुर्मासकरेंगी।साध्वीदक्षगुणाश्रीजीमहाराजभीबराकरकीजैनसंस्थापहुंचचुकीहैं।वहवहांचातुर्मासकरेंगी।

यहहैचातुर्मास:जैनसंतोंकाकोईस्थायीठिकानायामठनहींहोताहै।वहपैदलचलतेरहतेहैं।बरसातकेचारमहीनेमेंवहकहींभ्रमणनहींकरतेहैं।किसीएकजगहपररहकरध्यानऔरतपकरतेहैं।यहीचातुर्मासहै।जैनसंतआचार्यविशुद्धसागरजीमहाराजनेदैनिकजागरणकोबतायाकिजैनसाधुकेलिएअहिसाहीधर्महै।बरसातमेंजीवोंकीउत्पत्तिहोतीहै।हमारेभ्रमणकरनेसेकिसीजीवकोकष्टनहो,इसलिएजैनसाधुविचरणनकरएकजगहरहतेहैं।साधनाकरतेहैं।यहीचातुर्मासहै।आत्मसाधनायामोक्षसाधनाकासबसेबेहतरसमयबरसातहीहै।यहत्यागऔरतपस्याकामौसमहै।सम्राट,भिखारी,संन्यासीएवंसाधुचातुर्मासकरतेहैं।बारिशमेंराजायुद्धनहींकरताहै।यहसम्राटकाचातुर्मासहै।हिदूसंन्यासीवबौद्धभिक्षुभीभ्रमणनहींकरतेहैं।यहउनकाचातुर्मासहै।ज्योतिषकेहिसाबदेवबरसातमेंविश्रामकरतेहैं।इसकारणइसमौसममेंमांगलिककामनहींहोतेहैं।भिखारीतकबरसातमेंभीखनहींमांगताहै।

By Elliott