चीनकेछात्रभीवहांकेमेडिकलकॉलेजोंमेंऑफलाइनपढ़ाईकररहेहैं।इसकासीधानुकसानभारतीयछात्रोंकोहोरहाहै।दोसालसेभारतीयछात्रोंकोचीनकीऑफलाइनक्लासेजकाएक्सपोजरभीनहींमिला।एमबीबीएसकीपढ़ाईऑनलाइनकरनेसेकईकॉन्सेप्ट्सछात्रोंकेक्लियरभीनहींहोरहेहैं।

ऐसेमेंउनकापरिणामभीप्रभावितहोसकताहै।हालहीनेशनलमेडिकलकमीशननेचीनमेंमेडिकलकीपढ़ाईकोलेकरएकसर्कुलरभीजारीकियाहै।इसमेंकहागयाहैकिनेशनलमेडिकलकमीशनएमबीबीएसकीपढ़ाईकोपूरीतरीकेसेऑनलाइनमोडमेंकरनेवालेछात्रोंकोफॉरेनमेडिकलग्रेजुएटएग्जामिनेशनकेलिएपात्रनहींकरेगा।ऐसेमेंचीनकेकॉलेजोंकाचयनसोचसमझकरकियाजाए।

कईछात्रलोनलेकरकररहेपढ़ाई

चीनमेंपढ़नेकेलिएकईछात्रोंनेलोनलेरखाहै।क्योंकिअबयेछात्रदोसालसेभारतमेंहीहैंऐसेकईबैंकलोनकीकुछकिस्तदेनेसेपीछेहटरहेहैं।इसकारणछात्रोंपरआर्थिकनुकसानभीउठानापड़रहाहै।वहींकईदेशोंसेकोरोनाकेकारणलगाईगईसारीपाबंदियांहटादीहैं।वहांछात्रोंकोपढ़नेकेलिएभीबुलायाजारहाहै,लेकिनचीनअभीतकभीपाबंदियांजारीहैं।

एनएमसीकरेंपहल

छात्रोंकाकहनाहैकिनेशनलमेडिकलकमीशनकोचीनसेबातकरनीचाहिएताकिछात्रोंकोवापसभेजनेकीव्यवस्थाकीजासके।हरसालबड़ीसंख्यामेंछात्रचीनमेंएमबीबीएसकेलिएजातेहैं।दरअसल,भारतकीतुलनामेंचीनमेंएमबीबीएसकेलिएवहांजातेहैं।जिनछात्रोंकीनीटकीरैंकपरभारतकेसरकारवप्राइवेटमेडिकलकॉलेजमेंनहींमिलपाताउनकेसामनेविदेशोंसेएमबीबीएसकरनेकाविकल्पखुलाहै।

By Duncan