संवादसहयोगी,जमुई:साहित्यकोलेकरयूंतोजिलेकीधरतीऊर्जावानरहीहैऔरसाहित्यकेप्रतिलोगोंकाविशेषलगावरहाहै।बावजूदबदलतेदौरमेंयुवाकिताबसेदूरऔरमोबाइलसेनजदीकहोनेलगेहैं।ऐसेमेंसमाजसेवीगिरजानंदनमणियुवाओंकोनि:शुल्कमहापुरुषोंकीजीवनीकीकिताबदेकरसंस्कारकीनींवडालनेमेंलगेहैं।इसकेलिएउन्होंनेबकायदापुस्तकालयबनारखाहै।उनकायहप्रयास1995सेजारीहै।

जमुईनगरक्षेत्रकेउझंडीमुहल्लामेंइसकेलिएपुस्तकालयकीस्थापनाकीहै।इसपुस्तकालयमेंवर्तमानसमयमेंदसहजारसेअधिकपुस्तकमौजूदहै।युवाओंमेंकिताबपढ़नेकालगावभीबढ़ाहै।उनकेअनुसारसाहित्यिकपुस्तकजीवनकीवहपाठशालाहै,जोजीवनकीकठिनचुनौतियोंसेनिपटनेमेंसंस्कार,वैचारिकविकास,पारिवारिकऔरसामाजिकदायित्वकीसीखदेताहै।साहित्यसमाजकादर्पणहोताहै।

महापुरुषोंकीजीवनीसेलेकरसभीप्रकारकीपुस्तकेंहैंउपलब्ध

गिरजानंदनकीमानेतोवर्ष1995मेंइलाकेकेगरीबऔरपिछड़ेवर्गकेलोगोंकोशिक्षितबनानेकेउद्देश्यसेअपनेघरकेसमीपपुस्तकालयकीस्थापनाकी।पुस्तकालयमेंस्वामीविवेकानंद,संतकबीर,पंडितजवाहरलालनेहरू,मौलानाअबुलकलामआजाद,रामधारीसिंहदिनकर,महादेवीवर्मा,चंद्रशेखरआजाद,भगतसिंह,महात्मागांधी,गोपालकृष्णगोखलेसमेतविभिन्नलेखकोंऔरमहापुरुषोंकीजीवनीपरआधारितसीरीजमेंपुस्तकेंउपलब्धहैं।इसकेअलावाप्रतियोगितापरीक्षाकीतैयारीकेलिएभीबहुतसारीपत्रऔरपत्रिकाएंउपलब्धहै।इसपुस्तकालयमेंवर्तमानसमयमेंदसहजारपुस्तकेंउपलब्धहैं,जिनकेबलपरक्षेत्रकेयुवाओंमेंसाहित्यऔरशिक्षाकाप्रसारकरनेकाप्रयाससफलरूपसेकियाजारहाहै।

स्थाईसमितिकीदेखरेखमेंहोताहैपुस्तकालयकासंचालन

पुस्तकालयकेसंचालनकेलिएसमितिकार्यरतहै।इसमेंकुलनौसदस्यहैं।पुस्तकालयकेबेहतरसंचालनकेलिएअलग-अलगक्षेत्रमेंविद्वतारखनेवालेलोगोंकोइससमितिमेंसदस्यकेरूपमेंशामिलकियागयाहै।पुस्तकालयमेंपुस्तकरखनेकाएककक्षऔरदोअध्ययनकक्षभीहै।