संतकबीरनगर:हीरालालरामनिवासस्नातकोत्तरमहाविद्यालयखलीलाबादमेंसोमवारकोगोष्ठीहुई।राजनीतिविज्ञानविभागकेतत्वावधानमेंगांधीकेविचारोंकीप्रासंगिकताविषयपरआयोजितगोष्ठीकोबतौरमुख्यअतिथिसंबोधितकरतेपूर्वनिदेशकगांधीअध्ययनकेंद्रनईदिल्लीवसंपादकसुलभइंटरनेशनलपत्रिकाकेअनिलदत्तमिश्रनेकहाकिवाद-विवादलोकतंत्रकीभूमिका/प्रस्तावनाहै।गांधीपरंपराकेद्योतकऔरभारतीयमूल्योंकेप्रतीकहैं।उन्होंनेकहाकिआजगांधीसिर्फभारतकीनहींपूरेविश्वकीपहचानहैं।शक्तिहीनकीशक्तिऔरआवाजविहीनलोगोंकीआवाजकानामगांधीहै।गांधीपुरुषार्थीथेउन्होंनेभाग्यकोबदलदिया।21वींसदीमेंजबबिनासिद्धांतोंकीराजनीतिहोरहीहैंतोगांधीस्वत:प्रासंगिकहोजातेहैं।डा.अजयकुमारपांडेयनेकहाकिगांधीराष्ट्रवादीहैं।विभागाध्यक्षडा.दिग्विजयनाथपांडेयनेकहाकिगांधीनैतिकताकेसंस्थापकहै,एकलीडरऔरफाइटरहैं।गांधीपारंपरिकभीहैंऔरआधुनिकभी।डा.मंजूमिश्रनेकहाकिहमेंअपनेघर,विद्यालयऔरअपनेसमाजमेगांधीबननेकीजरूरतहै।मुख्यनियंताडा.प्रतापविजयनेकहाकिगांधीकाअर्थनवचेतनाकाविकासहै।प्राचार्यडा.आएसयादवनेअतिथियोंकोस्मृतिचिह्नदेकरसम्मानितकिया।

डा.ब्रजेशकुमारत्रिपाठी,डा.दिनेशगुप्ता,डा.विजयकुमारराय,डा.हेमेंद्रशंकर,डा.शशिकांतराव,डा.अमरनाथपांडेय,डा.मनोजकुमारभारतीय,डा.अनुभवश्रीवास्तव,डा.मोहम्मदहसन,डा.राजेशगुप्ता,डा.महेंद्रकुमारसुल्तानियाकेसाथअनेकविद्यार्थीमौजूदरहे।