नईदिल्ली[संजीवगुप्ता]। माहवारीमेंसैनिटरीपैडकाप्रयोगमहिलाओंकेस्वास्थ्यकेलिएअच्छामानाजातारहाहै,लेकिनअबइसकेनकारात्मकप्रभावभीसामनेआरहेहैं।पर्यावरणकेक्षेत्रमेंकामकरनेवालीगैरसरकारीसंस्थाटाक्सिकलिंककेनएअध्ययनमेंसामनेआयाहैकिसैनिटरीपैडतैयारकरनेमेंब्लीचिंगसहितअनेकखतरनाकरसायनोंकाप्रयोगहोताहैं।यहरसायनबांझपनऔरओवेरियनकैंसरतककीवजहबनरहेहैं।दूसरीतरफसैनिटरीपैडपर्यावरणकेलिएभीबड़ाखतराबनगएहैं।लैंडफिलसाइटपरयहपैडसैंकड़ोंसालतकभीडिकम्पोजनहींहोते।

अध्ययनमेंसामनेआयीकईबातें

बृहस्पतिवारकोजारीकिएगएइसअध्ययनमेंबतायागयाहैकिदेशमेंहरसाल12.3बिलियनसैनिटरीपैडइस्तेमालमेंलाएजातेहैंजिनकाकचराकरीब1,13,000टनबैठताहै।नानआर्गेनिकसैनिटरीपैड(ह्विस्पर,स्टेफ्री)कोसमाप्तहोनेमें250से800वर्षलगतेहैं।देशकीकमसेकम80फीसदमहिलाएंनानआर्गेनिकसैनिटरीपैडप्रयोगकरतीहै।एकपैडमेंचारप्लास्टिकबैगकेसमानप्लास्टिकहोताहै।

पैडघरेलूकचरेमेंहीफेंकदिएजातेहैंइस्तेमालकेबाद

इस्तेमालकेबादयेपैडघरेलूकचरेमेंहीफेंकदिएजातेहैं।इसअध्ययनकेमुताबिक57फीसदमहिलाओंकोयहतकनहींपताकिनानआर्गेनिकसैनिटरीपैडकोफेंकनेकेबादमेन्स्ट्रुअलवेस्टकहांजाताहैऔरपर्यावरणपरइसकाक्याप्रभावपड़ताहै।80फीसदकचराउठानेवालेलोगनानआर्गेनिकपैडकोघरेलूकचरेमेंपातेहैं।

दिल्लीकाहालसबसेबुरा

दिल्लीमेंतोसारेनानआर्गेनिकसैनिटरीपैडघरेलूकचरेमेंमिलतेहैं।राजधानीकेमात्र11फीसदकचराचुननेवालेपुरुषसफाईकर्मीहीपीपीईकाउपयोगकरतेहैं,कचराचुननेवालीज्यादातरमहिलाएंकिसीपीपीईकाप्रयोगनहींकरती।विडंबनायहकिइस्तेमालसैनिटरीपैडकानिष्पादनकेंद्रीयप्रदूषणनियंत्रणबोर्ड(सीपीसीबी)द्वारातैयारठोसकचराप्रबंधननियमोंकाहिस्साहैं,लेकिननतोनगरनिगमकेस्तरपरइसकचरेकोलैंडफिलसाइटतकलेजानेसेपहलेअलगकियाजाताहैऔरनहीपैडबनानेवालीकंपनियोंकेलिएकोईमानकतयकिएगएहैं।

जलानेसेपर्यावरणको नुकसान

अध्ययनमेंयहभीसामनेआयाहैकिइस्तेमालसैनिटरीपैडबहुतसेस्कूलोंऔरसार्वजनिकशौचालयोंमेंबिनाकिसीदिशानिर्देशोंकापालनकिएगलततापमानपरजलादिएजाऐहैं।इसदौराननिकलनेवालीहानिकारकगैंसेपर्यावरणकोभीनुकसानपहुंचातीहैं।

अध्ययनकीकुछअन्यअहमबातें

निष्पादनकोलेकरगंभीरदृष्टिकोणअपनाएजानेकीजरूरत

सैनिटरीपैडकोतैयारकरनेऔरइस्तेमालकेबादइसकेनिष्पादनकोलेकरगंभीरदृष्टिकोणअपनाएजानेकीजरूरतहै।कहींऐसानहोजाएकिमाहवारीकेदिनोंमेंसाफ-सफाईरखनेकेलिएइस्तेमालकिएजानेवालासैनिटरीपैडअसाध्यरोगोंकाकारकसाबितहोजानलेवाबनजाए।

सतीशसिन्हा,एसोसिएटनिदेशक,टाक्सिकलिंक

By Farmer