कानपुर,जागरणसंवाददाता।प्रसिद्धगीतकारमनोजमुंतशिरकापरिचयकरानेकेलिएतेरीमिट्टीमें...,तेरीगलियां...,तेरेसंगयारा..,मैंफिरभीतुमकोचाहूंगा..,तेरेरश्केकमर..,गीतहीकाफीहैं,जोआजकीयुवापीढ़ीगुनगुनारहीहै।छहसालकीउम्रमेंकानपुरकेजेकेमंदिरकीसीढ़ियोंसेखरीदीदर्दभरेनगमोंकीकिताबनेमशहूरगीतकारबनादिया।एकलभारतलोकशिक्षापरिषदकेकानपुरचैप्टरकेकार्यक्रममेंशिरकतकरनेकानपुरआएमनोजनेकहाकिबचपनसेआजतकहमेंऔरआपकोकईझूठीप्रेमकहानियांपढ़ाईगईंहैं।जबबड़ेहुएऔरहकीकतजानीतोसच्चाईसामनेआई।मातासीताऔरभगवानरामकाप्रेमहीसर्वश्रेष्ठथा।हमसभीकोसीता-रामकेप्रेमकेचरमपरपहुंचनेकाप्रयासकरनाचाहिए।मातासीतासेविश्वासवधैर्य,जबकिभगवानरामसेमाेहब्बतवमर्दानगीसीखनाचाहिए।

जीएसवीएममेडिकलकालेजकेआडिटोरियममेंआयोजितएकशामएकलकेनामकार्यक्रममेंबालीवुडकेप्रसिद्धगीतकारमनोजमंतशिरनेलोगोंसेसंवादकरतेहुएशहरसेजुड़ेअपनेबचपनकेसंस्मरणभीसुनाए।छहवर्षकीउम्रमेंमांकेसाथजेकेमंदिरघूमनेगएथे।मांसेजिद्दकरके50पैसेकीदर्दभरेनगमेंपुस्तकखरीदी।इसपुस्तककेदर्दभरेनगमेखूबपढ़े,जिससेयहांतकपहुंचगएहैं।उन्होंनेजेकेमंदिर,डीएवीकालेजऔरबिठूरकाभीजिक्रकिया।

उन्होंनेदर्शकोंसेभरेआडिटोरियममेंसंवादकोपलभरकेलिएरोकाऔरफिरकहा,आपसेकुछजरूरीबातकरनीहै।मैंयहांआपसभीकोजगानेआयाहूं।महर्षिअरविंदनेलिखाहैकिजोराष्ट्रतीनपीढ़ियोंतकअपनीसंस्कृतिकोभूलादेताहै।उसकीसंस्कृतिहमेशाकेलिएनष्टहोजातीहै।यहबातथोड़ीडरावनीभीहै,क्योंकिहम-आपतीसरीपीढ़ीकेहैं।पिछलेकईदशकोंसेहमारीसंस्कृतिपरलगातारकुठाराघातहोरहेहैं,हमजिसतरहसेसहतेवबर्दाश्तकरतेचलेआए।हमसोएरहे,वर्षोंबरसतकसुसुप्तावस्थामेंरहे।अबअगरमेरीऔरआपकीनींदनहींटूटीतोयहविशालभारतवर्षकामायामहलहै,उसकाखंडहरभीनहींबचेगा।

उन्होंनेकहाकिआचार्यचाणक्यने24सौसालपहलेकहाथाकिजोराष्ट्रशास्त्रपढ़नाछोड़देताहै।उसकाकुल,वंशऔरपरंपरासबकुछनष्टहोजाताहै।हमसभीकोजागनाहोगाऔरबतानाहोगाहमभारतवालेहैं।हमेंपहचानोंहमवहीहैंजोबाणभेदकरधरतीसेपानीनिकालतेथे।एकअंगुलीपरगोवर्धनउठासकतेहैं,पानीमेंपत्थरतैरानाभीजानतेहैं।ज्ञानपरंपरामेंजन्मेऋषिनेमात्रछहसेसातमिनटमेंआधेसेज्यादापश्चिमीसंसारकोसनातनीबनादियाथा।दुनियाकोसत्यम,शिवम,सुंदरमआैरहितोपदेशसिखाया।विषपीकरअमृतदानकिया।हमभारतवालेहैं,जिसकेओठोंपेगंगाऔरहाथाेंमेंतिरंगारहताहै।हमारेदेशमेंस्त्रीकोउसकेस्वभिमानसेपहचानतेहैं।अगरस्त्रीकाअपमानहोजाएतोबच्चा-बच्चाहनुमानबनजाताहै।

तेरीमिट्टीमें...गीतलिखकरहुआधन्य:मनोजमुंतशिरनेकहाकितेरीमिट्टीगीतलिखकरमैंअपनेकोधन्यसमझताहूं।उन्होंनेकहाकिइसगीतमेंदेशकीसीमापरसीनेपरगोलीखानेवालेजवानकीउसमनोदशाकाचित्रणकियाहै।जोवहअपनीमां,पत्नीएवंराष्ट्रकेबारेमेंसोचताहै।

इन्होंनेकियाकार्यक्रमकाशुभारंभ:सबसेपहलेकार्यक्रमकाशुभारंभशुभमगोल्डीमसालेकेनिदेशकसुरेंद्रगुप्ता,लोहियाकारपोरेशनकेप्रतिनिधिसुधींद्रजैन,आरएसपीएलकेप्रतिनिधिसुशीलबाजपेई,जेकेसीमेंटकेप्रतिनिधिअजयसरावगी,मयूरग्रुपकेप्रतिनिधिरमेशगुप्ता,एकलभारतलोकशिक्षापरिषदकेराष्ट्रीयअध्यक्षनीरजरायजादा,चेयरमैनजीडीगोयल,कानपुरचैप्टरकेअध्यक्षडा.एएसप्रसाद,सचिवध्रुवकुमाररुइयाएवंमहिलाविंगकीअध्यक्षअनुराधावार्ष्णेयनेदीपप्रज्जविलकरकिया।कानपुरचैप्टरकेकार्योंकीजानकारीअध्यक्षडा.एएसप्रसादनेदी।एकलविद्यालयकेबच्चोंनेएकलगीतप्रस्तुतकिया।संचालनदेविकामुखर्जीऔरधन्यवादडा.प्रवीनकटियारनेकिया।

इनसंस्थाओंकोकियागयासम्मानित:लोहियाकारपोरेशन,शुभमगोल्डीमसाले,आरएसपीएलग्रुप,जेकेसीमेंटएवंमयूरग्रुप।

एकलकेविशेषसहयोगी:अशोकमसाले,तिरुवालाग्रुप,फ्रंटियरस्प्रिंग,फ्रंटियरएलाइज,कानपुरप्लास्टिकपैक,नेटप्लास्टप्राइवेटलिमिटेड,पालीवालडायग्नोस्टिक्सएवंजामाकारपोरेशन।

इनकारहासहयोग:कार्यक्रमकेआयोजनमेंडा.दिलीपकुमारसिन्हा,सुरेशझांझरिया,नवीनचौधरी,आशीषकपूर,राजीवबाजपेई,रावविक्रमसिंह,सुभाषगुप्ता,ममताअवस्थीएवंरेणुकाअग्रवाल।

By Fisher