मोतिहारी।शहरकेस्पोर्टसक्लबमेंआयोजितश्रीमद्भागवतकथाकेछठेदिनमंगलवारकोआचार्यरामप्रवेशदासजीमहाराजनेभगवानश्रीकृष्णकेमथुरागमनप्रसंगसेकथाकाशुभारंभकिया।प्रवचनकेदौरानउन्होंनेकहाकिभगवानश्रीकृष्णजबअक्रुरजीकेसाथमथुराकेलिएनिकलतेहैं,तोपूरेवृंदावनमेंहाहाकारमचजाताहै।गोपियांदौड़तीहुईउनकेपासपहुंचतीऔरकहनेलगीआपवृंदावनसेनिकलोगे,तोहमाराप्राणशरीरसेनिकलेगा।ग्वाल-बालउनकेरथकेचक्काकेनीचेलेटजातेहैं।रोते-रोतेकहतेहैंप्रभुहमसभीकेहृदयकेऊपरसेरथकेचक्केकोलेकरचलेजाओ।ताकि,हमसभीकाप्राणनिकलजाए।आपकेबिनाहमलोगएकपलभीजीनहींसकेंगे।इतनेमेंमांयशोदाचीत्कारकरतेहुएप्रभुकीओरदौड़पड़तीहैंऔरकहनेलगतीहैंकन्हैयाआजतुम11वर्ष56दिनकेहोगएहो।पतानहींथातुममेरेनहींदेवकीनंदनहो।यहबातमुझेआजपताचली।तबस्नेहभावसेप्रभुकहतेहैंमातेमुझेदेवकीनंदनलोगबादमेंकहेंगे,यशोनदंनपहलेकहेंगे।शांतचितवातवरणकेबीचभजनगायकधनंजयतिवारीनेजारहेहोतोजाओब्रजछोड़कर,प्रेमऐसाकन्हैयानहींपाओगे..भजनकीप्रस्तुतिदीतोश्रद्धालुओंभावविभोरहोगए।इनसबकेबीच,प्रभुमथुराकेलिएप्रस्थानकरतेहैं।वहांपहुंचकरमामाकंसकावधकरकारागारसेअपनेमाता-पिताकोमुक्तकरातेहैं।मैयादेवकीउनकीओरबेटा-बेटाकहदौड़तीहैऔरउनसेलिपटकरचित्कारउठतीहैं।अंतमेंकथावाचकआचार्यरामप्रवेशदासजीमहाराजनेभगवानश्रीकृष्णवरूकमणिजीकेविवाहकीविस्तृतचर्चाकी।इसमौकेपरविवाहकीझांकीनिकालीगई।सुदूरग्रामीणक्षेत्रोंसेपहुंचेभक्तोंनेझांकीकाआनंदलिया।इसदौरानआजमेरेश्यामकीशादीहै,मेरेघनश्यामकीशादीहै..सेपूजापंडालगुंजायमानरहा।मौकेपरसमितिकेअध्यक्षशंभूयादव,व्यवस्थापकप्रभाकरजायसवाल,प्रदीपकुमार,कौशलकिशोरयादव,अजय¨सह,स¨मद्रयादव,लड्डू¨सहसहितबड़ीसंख्यामेंश्रद्धालुभक्तमौजूदथे।

By Evans