मुजफ्फरपुर,[प्रमोदकुमार]।परिवारकुछलोगोंकेसाथरहनेसेनहींबनजाता।इसमेंरिश्तोंकीबुनावटहोतीहै।एक-दूसरेपरविश्वासहोताहै।आपसीसुरक्षाकोलेकरवादेऔरइरादेहोतेहैं।कुछइन्हींआदर्शोंकेसाथमुजफ्फरपुरमेंदोपरिवारआधुनिकताकेइसयुगमेंमिसालहैं।यहांएकहीएकछतकेनीचेचारपीढिय़ांसाथरहरहीहैं।इनकेनदिलबंटेहैं,नहीरसोई।आजभीघरकेबड़े-बुजुर्गोंकाआदेश-निर्देशसर्वोपरिहै।कोरोनासंकटमेंभीदोनोंपरिवारएकजुटहोकरइसचुनौतीसेनिपटरहेहैं।

भरोसाऔरविश्वासबेमिसाल

तीनपोखरियाकालीबाड़ीरोडमेंरहनेवाले95वर्षीयस्वतंत्रतासेनानीरामसंजीवनठाकुरपारिवारिकमूल्योंकोसहेजरहेहैं।घरमेंबेटा,दोपोतोंएवंपरपोतीकोमिलाकरसातसदस्यहैं।आजभीउसपरिवारकेकर्ता-धर्तावहीहैं।बेटाअरुणकुमारठाकुरएवंबहूरेणुकुमारीउनकीसेवामेंकोईकसरनहींछोड़ते।बेटाकिसानहैंऔर62सालकीउम्रपारकरचुकेहैं।अरुणकेदोनोंबेटेसाकेतशुभमएवंकुमारउत्कर्षभीपितावदादाकीसेवाकररहेहैं।एलआइसीमेंकार्यरतउत्कर्षकीशादीअभीनहींहुईहै,लेकिनसाकेतकीहोचुकीहै।उनकीएकबेटीहै।स्वतंत्रतासेनानीकीपत्नीसीतादेवीतीनदशकपूर्वउनकासाथछोड़चुकीहैं।1942मेंभारतछोड़ोआंदोलनकेदौरानजिलेकानेतृत्वकरनेवालेरामसंजीवनपारिवारिकगतिविधियोंमेंजोनिर्णयलेतेहैं,उसेसभीमानतेहैं।उनकापूरापरिवारएकसाथरहतेहुएरिश्तेकीमिठासबांटरहाहै।एकसाथभोजनबनताहै।

स्नेहवनैतिकताकासंस्कार

लेथ(खराद)काकामकरनेवालेसरदारगुरुचरणसिंहकापरिवारभीभरोसाऔरविश्वासकीडोरसेबंधाहै।स्नेहऔरनैतिकताकासंस्कारउनकेपरिवारकीपहचानहै।रज्जूसाहलेनमेंउनकेपरिवारकीभीचारपीढिय़ांसाथरहरहीहैं।गुरुचरणकेएकमात्रबेटेजसवंतसिंहकाछहसालपहलेनिधनहोचुकाहै,लेकिनउनकीबहूमिंटीसोहलबेटेकीकमीदूरकररहीहैं।वहबेकरीकाव्यवसायकरतीहैं।गुरुचरणकेदोपोतेअर्जुनसिंहवअंगदसिंहहैं।उनकीशादीहोचुकीहै।अर्जुनकीएकबेटीहै।व्यावसायिकपरिवारहोनेकेनातेसभीकीदिनचर्याएकहै।उनकेयहांहररोजकाखाना-पीनाएकछोटेसमारोहजैसाहोताहै।गुरुचरणइसकेकेंद्रमेंहोतेहैं।छोटे-बड़ेसभीनिर्णयउन्हींकेहोतेहैं।बच्चोंकीपढ़ाईसेलेकरशादी-ब्याह,सभीमेंउनकीसहमतिजरूरीहोतीहै।

By Doyle