अलीगढ़,जेएनएन:बचपनमेंमनकेभावकोकागजोंपरउतारा,नन्हेंहाथोंकीइसदस्तककोसराहनामिलीतोकविताऔरकहानियांनिकलपड़ी।कविसम्मेलनोंसेलेकरसाहित्यिकमंचोंतकअपनीकलमसेनईकहानीगढ़ी।इसलिएआजपूनमशर्मापूर्णिमासुप्रसिद्धकवियत्रीऔरउपन्यासकारकेरुपमेंचर्चितहैं।इनदिनोंउनकाउपन्यासनिवेदिकाकाफीचर्चितहोरहाहै।नारीविमर्शपरआधारितयहउपन्याससमाजकेईदगिर्दकीसत्यतताकोबयांकरताहै।उतार-चढ़ावभरीजिंदगीकोसमेटेहुएहकीकतसेजुटीकहानीहै।इसलिएनिवेदिकाकाएकपेजपढ़नेकेबादलोगपूरापढ़ेबिनाथमतेनहींहैं।

शिक्षिकाहैंपूनमशर्मा

पूनमशर्मापूर्णिमाआगरारोडकेविकासनगरएडीएकालोनीमेंरहतीहैं।वहमैरिसरोडस्थितवुडवाइनस्कूलमेंहिंदीकीशिक्षिकाहैं।पतिगोपालवशिष्ठअधिवक्ताहैं।पूनमकाअभीहालमेंनिवेदिताउपन्यासप्रकाशितहुआहै।इसमेंएकनारीकेसंघर्ष,त्यागऔरसमर्पणकीकहानीहै।सामाजिक विसंगितयोंकोभीउभारागयाहै।पूनमकहतीहैंकिआजभीस्त्रियोंकोतमामसामाजिकसमस्याओंसेजूझनापड़ताहै।पर्देकेसामनेकीकहानीकुछऔरहै,जबकिपर्देकेपीछेकुछऔरहै।उन्होंनेनिवेदिकामेंउन्हींबातोंकोउताराहै।हालांकि,उनकायहउपन्यासहतोत्साहितनहींकरता।निंदासेपरेहै,नवजीवनकासंचारकरताहै।करुणाऔरस्थिरताकाभावआयाहैतोबड़ीखूबसूरतीसेपूनमनेउसेबाहरनिकालतेहुएउत्साहभीदिखायाहै।पूनमकहतीहैंकिएककवित्रयीऔरसाहित्यकारहोनेकेकारणउनकाफर्जबनताहैकिवहआशाओंकीओरलेजाएं।संभावनाओंकेपंखलगाएं,जिससेनारीपारनिकलकरआसकें,इसेलिखनेकाप्रयासकियाहै।तमामलोगोंकीबधाईयांआरहीहैं।मुझेलगरहाहैकिमेरीकलमनेकुछअच्छालिखाहै।

कागजकीबातोंसेमुड़गईजिंदगी

पूनमबतातीहैंकिवह13वर्षकीथीं,तभीकागजपरअपनेमनकीबातोंकोउताराकरतींथीं।उससमयक्यालिखरहीहैं,उन्हेंखुदपतानहींचलताथा।बसलिखनेकाशौकथा।कईबारतोलिखनेकेबादउसेछिपादियाकरतीथीं।मनमेंसवालउठताथाकिबातसहीभीहैयाफिरयूंहीलिखेजारहीहूं।कहींकिसीनेदेखलियातोक्याकहेगा?इसलिएतमामबारकागजपरलिखकरफेंकदिएहोंगे।एकबारपिताजीसेवानिवृत्तमेजरदुर्गाप्रसादभारद्वाजकेहाथमेंकागजकाएकटुकड़ापड़गया।उन्होंनेकहा,पूनमक्यातुमनेलिखाहै।वहथमगईं,सोचाडांटनापड़जाए,मगरशाबाशीकीजोफुहारपूनमपरपड़ीउसनेउन्हेंबड़ीकवियत्रीऔरलेखिकाबनादिया।पूनमकहतीहैंकितभीसेउनकेअंदरलिखनेकाबीजारोपणहुआऔरफिरउनकीकलमथमीनहीं।इसलिएउन्होंनेगद्यऔरपद्यदोनोंमेंलिखा।

कहानीऔरकविताएं

पूनमकीतमामकहानियांभीप्रकाशितहोचुकीहैं।लघुसंस्मरणभीआचुकेहैं।निवेदिकाउनकापहलाउपन्यासहै।दोऔरउपन्यासवहलिखरहीहैं। ब्रजभाषाकोवहअपनीकलमकेमाध्यमसेसशक्तबनारहीहैं।गजल,गीत,दोहे,छंद,पद,मल्हार,गारीआदि विद्यापरवहलिखचुकीहैं।उन्होंनेबतायाकिगांवमेंआजभीशादी-ब्याहमेंगारीखूबचलतीहै।रामचरितमानसकाजिक्रकिया।कहा,दशरथजीजबबरातलेकरजनकपुरीपहुंचेथेतोजनकपुरीकीमहिलाओंनेगारीगीतसुनायाथा,तभीसेहमारेयहांगारीविधाप्रचलितहै।शादी-ब्याहमेंआजभीमहिलाएंइसपरंपराकानिर्वहनकरतीहैं।

मंचोंपरगूंजीकविताएं

पूनमशर्माकीअलीगढ़,दिल्ली,भरतपुर, आगरा,फीरोजाबाद,बरेलीआदिजगहोंपरकविताएंगूंजचुकीहैं।वहकविसम्मेलनोंमेंमंचोंपरगातीहैं।वहकहतीहैंकितमामबड़ेकवियोंसेउन्हेंशाबाशीमिलचुकीहै।

फिरथमतीनहींकलम

लिखनेकाकोईसमयनहींहोता।जबदिमागमेंकोईपंक्तिआजातीहैतोफिरएकहूकसीउठतीहै।फिरसमयकीपरवाहनहींरहती।रातकोदोबजेभीलिखनाशुरूकरदेतीहैं।किचनमेंगुनगुनाशुरूकरदेतीहैं।जल्दीसेकागजयाफिरवाट्सएपपरउतारकरउसेरखलेतीहैं,जिससेफुर्सतमेंउसेपूराकियाजासके।पूनमशर्माकहतीहैंकिकविऔरसाहित्यकारविचारशीलहोतेहैं,कबकिससमयउनकेमनमेंभावआजाएयहपतानहींहोताहै।हालांकि,सामाजिकपरिवेशकोदेखकरउनकेमनमेंभावखूबउत्पन्नहोतेहैं।

मिलचुकाहैसम्मान

पूनमशर्माकोश्रीनाथद्वाराराजस्थानसेब्रजभाषाविभूषणकीमानिधउपाधिसेमिलचुकीहै।कविसम्मेलनोंमेंभीउन्हेंसम्मानमिलचुकाहै।

By Edwards