सूरत।गुजरातमेंनवरात्रोंकेशुरूहोतेहीधूमधामसेगरबानृत्यकियाजाताहै।महिलाएंइसकेलिएपहलेसेहीतैयारियांकरनाशुरूकरदेतीहैं।लेकिनइसबारगुजरातमेंकुछखासतरीकेसेइसउत्सवकोमनायाजारहाहै।यहांगरबाकरनेकेलिएपारंपरिकपोशाकोंकेसाथइसबारयेमहिलाएंटैटूकोभीकाफीतवज्जोदेरहीहैं।

येटैटूकाफीखासहैं,जोआपतस्वीरोंमेंभीदेखसकतेहैं।येतस्वीरेंराज्यकेसूरतशहरकीहैं।इनमहिलाओंनेजम्मू-कश्मीरसेअनुच्छेद370और35एकेहटनेकासमर्थनकरतेहुएअपनीपीठपरटैटूबनवाएहैं।इतनाहीनहींएकमहिलानेचंद्रयानदोकोलेकरअपनीपीठपरटैटूबनावायाहै।महिलाओंमेंसेकुछनेइससाललागूहुएमोटरवाहनअधिनियमकेसमर्थनमेंभीटैटूबनवाएहैं।

बतादेंनवरात्रिकेपहलेदिनमांदुर्गाकेपहलेरूपमाताशैलपुत्रीकीपूजाकीजातीहै।येमान्यताहैकिमांशैलपुत्रीपर्वतराजहिमालयकीबेटीहैं।मान्याताहैकिमाताशैलपुत्रीकेपूजनसेमूलाधारचक्रजाग्रतहोताहै।इसमौकेपरदेशभरकेमंदिरोंमेंश्रद्धालुओंकीभारीभीड़जुटगईहै।

By Dunn