(ललितकेझा)वाशिंगटन,21जुलाई(भाषा)एकशीर्षमुहाजिरनेतानेकहाकिपाकिस्तानकीशक्तिशालीसेनाकेअपनेपड़ोसियोंकेखिलाफआतंकवादीगतिविधियोंकोअंजामदेनेकेलिएराज्येत्तरतत्वोंकोसमर्थनदेनेकीअपनीदशकोंपुरानीनीतिबदलनेकेआसारनहींहैं।अमेरिकास्थितवॉयसऑफकराचीकेप्रमुखनदीमनुसरतने‘पीटीआई-भाषा’सेकहा,‘‘केवलइसयात्राकेआधारपरअमेरिका-पाकिस्तानसंबंधमेंकोईअहमबदलावदेखपानानामुमकिनहै।पाकिस्तानीसेनाकोधार्मिकचरमंपथीतत्वोंकापालन-पोषणकरनेऔरउनकासमर्थनकरनेकीअपनीमौजूदानीतिकोमूलरूपसेबदलनाहोगातभीवहअमेरिकाकेसाथसंबंधोंमेंबड़ेसुधारकीउम्मीदकरसकताहै।’’अमेरिकामेंरहरहेमुहाजिरोंकाप्रतिनिधित्वकरनेवालेवॉयसऑफकराचीनेपाकिस्तानीसुरक्षाबलोंकेमानवाधिकारउल्लंघनोंकेखिलाफखानकीयात्राकेदौरानशांतिपूर्णप्रदर्शनकरनेकीयोजनाबनाईहै।मुहाजिरउर्दूभाषीलोगहैंजोविभाजनकेदौरानभारतसेविस्थापितहोगएथे।बड़ीसंख्यामेंमुहाजिरसिंधप्रांतकेशहरीइलाकोंकराची,हैदराबाद,मीरापुरखासऔरसुक्कुरमेंरहरहेहैं।पाकिस्तानमें70सेअधिकवर्षोंतकशासनकरनेवालीशक्तिशालीसेनाकेपासअभीतकसुरक्षाऔरविदेशनीतिकेमामलोंमेंकाफीशक्तिरहीहै।नुसरतनेएकसवालकेजवाबमेंकहा,‘‘पाकिस्तानकोचलानेवालेपाकिस्तानीसेनाप्रतिष्ठानलंबेसमयसेधार्मिकचरमपंथीसंगठनजैसेकिजमात-उद-दावा,जैश-ए-मोहम्मदसेराष्ट्रीययासुरक्षासंपत्तिकेतौरपरव्यवहारकरतेरहेहैं।कुछविशेषज्ञोंकामाननाहैकियेसंगठनपाकिस्तानीसेनाकाविस्तारहैं।’’उन्होंनेकहाकिजेयूडीसरगनाहाफिजसईदआजबेशकजेलमेंहोलेकिनयहपहलीबारनहींहुआहै।सईदकोपहलेभीकईबारगिरफ्तारकियाजाचुकाहै।

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