पानीपत,जेएनएन।जौरासीकानर्मदेश्वरमहादेवकामंदिरक्षेत्रकेप्राचीनतमशिवालयोंमेंएकहै।ग्रामीणसहितआसपासकेआधादर्जनकेश्रद्धालुओंकीआस्थाइनसेजुड़ीहै।सावनऔरफाल्गुनकेशिवरात्रिपरश्रद्धालुहरिद्वारगंगाजललाकरबाबाकाजलाभिषेककरतेहैं।माथाटेककरदुआएंमांगतेहैं।सावनऔरफाल्गुनमेंयहांमेलाभीलगताहै।पूरेसावनमेंशुरूसेअंततकमंदिरोंमेंश्रद्धालुओंकीभीड़होतीहै।

पुरानाहैइतिहास

प्रधानमास्टररामकुमारऔरपंडितआनंदआर्यकहतेहैंकिजौरासीसर्फखासऔरखालसाकोबसेकरीब800सालहोचुकेहैं।पूर्वजोंकेअनुसारकरीब200सालपहलेग्रामीणऔरमुरथलकेएकसेठनेपूजापाठकेलिएमध्यप्रदेशकेनर्मदानदीसेभगवानशिवजीकीप्रतिमालाकरयहांस्थापितकीथी।इसीलिएइन्हेंनर्मदेश्वरमहादेवकहतेहैं।पूर्वप्रधानलालालक्ष्मणदासकेसमयमेंमंदिरकाजीर्णोद्धारऔरविस्तारहुआ।

सावनमेंकांवड़लेकरआतेहैंश्रद्धालु

प्रधानकहतेहैंकिसावनमेंबड़ातोफाल्गुनमेंयहांमेलालगताहै।सावनकेशिवरात्रिपरहरिद्वारसेगंगाजललाकरजलाभिषेककरनेवालोंकीसंख्याअधिकहोतीहै।डाककांवड़भीआतेहैं।सावनमेंगढ़ीकेवल,गढ़ीछाज्जू,डिकाडला,पावटीकेश्रद्धालुभीयहांजलाभिषेककरनेआतेहैं।गांवसेसमालखा,सोनीपत,पानीपत,दिल्लीआदिजाकरबसेलोगभीआस्थाआजभीमंदिरसेजुड़ीहै।सावनमेंपूजाकरनेजरूरआतेहैं।लंगरसहितसभीकार्योंमेंग्रामीणोंऔरकमेटीकासहयोगहोताहै।

शुभकार्यकरनेसेपहलेपूजा

प्रधानकहतेहैंकिआजभीग्रामीणपरिवारमेंशुभकार्यकरनेसेपहलेनर्मदेश्वरमहादेवकीपूजाअर्चनाकरतेहैं।उसकेबादहीनएकार्यकाश्रीगणेशकरतेहैं।मान्यताहैकिबाबाकेमंदिरमेंमाथाटेकरनेकेबादसभीशुभकार्यनर्विघ्नसंपन्नहोजातेहैं।

By Douglas