जहानाबाद।शोखबचपनऔरनकलकीसहजप्रवृतिनईपीढ़ीकोतबाहीकीराहदिखारहाहै।यदिएकबारफेविकोलसेचिपकातोउसकीलतछुड़ाएनहींछुटताहै।जहानाबादशहरीक्षेत्रमेंबच्चोंकोलेकरकईजगहोंपरऐसा²श्यदेखनेकोमिलरहाहै,जिससेलोगोंकीरूहकांपजारहीहै।फेविकोलकोजमाकरबच्चेउसेसूंधनेकीलतकाशिकारहोरहेहैं।सूखानशाबच्चोंकीअंधेरीसुरंगकीओरलेजारहाहै।यहमदहोशीसमाजकोलगातारझकझोररहाहै।लेकिनइसपरलगामलगानेकीदिशामेंसमाजतथाप्रशासनकेस्तरपरकोईपहलहोतानहींदिखरहाहै।बर्बादहोताबचपनसरकारद्वारासंचालितयोजनाओंकाभीमुंहचिढ़ारहाहै।दरअसल14वर्षतकनिशुल्कतथाअनिवार्यशिक्षायहांकाफीपहलेसेहींलागूहै।विद्यालयोंमेंबच्चोंकीउपस्थितिबढ़ानेकेउद्देश्यसेसरकारद्वारामध्यान्हभोजन,पोशाकतथा

छात्रवृत्तिसमेतकईयोजनाएंसंचालितहोरहीहै।लेकिनसमाजकाएकबडातबकाअभीभीइससेदूरमुख्यधारासेकटाहुआहै।शहरकेकईस्थानोंपरचलताहैनशेकाखेलशहरकेरेलवेस्टेशन,एकनवंबररेलवेफाटक,अंबेडकरचौककेसमीपवसीकानवीसकेबैठनेवालापरिसरसमेतअन्यकईइलाकोंमेंशामढलतेहींबच्चों,किशोरोंतथानवयुवकोंकीटोलीफेविकोलतथाअन्यमाध्यमसेनशेमेंमस्तहोतेदेखेजासकतेहैं।इससेनशेकीशुरुआतहोतीहैजोआगेबढ़करअफीमतथाचरसतकपहुंचजारहाहै।झुंगीझोपड़ीमेंरहनेवालेबच्चोंसेलेकरकईसंपन्नघरकेनौनीहालइसकीजदमेंतेजीसेआरहेंहैं।इसखतरनाकआदतकेकारणरहस्यमयतरीकेसेबच्चोंतथाकिशोरोंकीमौतकीघटनाएंभींबढ़गईहै।हालांकिइसतरहकेमामलेपरिजनोंद्वाराछिपालिएजातेहैंजिसकेकारणमौतकाआंकड़ासामनेनहींआपाताहै।

दसरुपयेमेंशहरमेंहरजगहमिलजाताहै।सस्तातथासुगमतरीकेसेउपलब्धहोनेकेकारणबच्चेइसेआसानीसेखरीदलेरहेंहैं।जोनशेकीतलवकोमिटानेकामुख्यमाध्यमबनताजारहाहै।इतनाहींनहींशहरकेकईगल्लीमोहल्लोंतथाकुछसरकारीविद्यालयोंकेआस-पासभीइसतरहसेबचपननशेमेंमस्तहोतेदिखाईदेतेहैं।इसकेआलावाशहरअफीमतथाचरसकीलतभीलोगोंमेंबढ़रहीहै।

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