पश्चिमचंपारण(बगहा),जासं।बगहादोप्रखंडकेथरुहटक्षेत्रमेंकईऐसेविद्यालयहैं।जहांजलजमावकीवजहसेपठनपाठनबाधितहोरहीहै।विगतकुछदिनोंसेहोरहीलगातारबारिशकीवजहसेस्कूलीबच्चोंकोभीकाफीपरेशानीकासामनाकरनापड़रहाहै।गंदेपानीकोपारकरबच्चेअपनेविद्यालयजानेकोमजबूरहैं।वहीं,बच्चेअपनेविद्यालयपहुंचतेहैतोवहांभीचारोंतरफपानीहीपानीनजरआताहै।राजकीयउत्क्रमितमध्यविद्यालयबैरियाखुर्दकीहालतभीइनदिनोंबदसेबदतरदिखाईपड़रहीहै।यहांकेपहुंचमार्गमेंजलजमावहोनेसेस्कूलप्रबंधनवनामांकितबच्चोंकोआवागमनमेंपरेशानीकासामनाकरनापड़रहाहै।समूचाविद्यालयपरिसरजलजमाववकीचड़सेपटाहुआहै।हल्कीबारिशमेंभीजलजमावकीतस्वीरइसविद्यालयकीदुर्दशाकोबयांकररहीहै।

विद्यालयमेंजलजमावकीवजहसेघटीउपस्थिति

पिछलेमाहसेकोविडगाइडलाइनकेअनुसारविद्यालयोंमेंपठन-पाठनशुरूहै।पहले50फीसदबच्चोंकोहीबुलानाथा,लेकिनअबशतप्रतिशतबच्चेस्कूलआनेलगेहैं।लेकिनउत्क्रमितमध्यविद्यालयबैरियाखुर्दकीकहानीकुछअलगहै।यहांकुल322बच्चेनामांकितहैं।लेकिनगुरुवारको161बच्चेहीउपस्थितमिलें।जबकिचारशिक्षकवएकटोलासेवकउपस्थितमिले।बच्चोंकीकाफीकमउपस्थितिकीवजहजलजमावहै।यहांबतादेंकिउक्तस्कूलमेंजानेकेलिएकोईरास्तानहींहै।

स्कूलतकसुगममार्गनहींहोनेकीवजहसेयहांकेशिक्षक-शिक्षिकाएंवछात्र-छात्राएंपगडंडियोंकेसहारेस्कूलपहुंचतेहैं।वर्षोंबीतगएविद्यालयकोबने,लेकिनअबतकइसविद्यालयमेंजानेकेलिएएकरास्तातकनसीबनहीहुआ।विद्यालयमेंजानेवालेमुख्यमार्गोंपरजलजमावहोचुकाहै।इसस्थितिमेंछोटे-छोटेबच्चोंकोस्कूलमेंजानेकेलिएगंदेपानीकोलांघकरहीविद्यालयमेंजानापड़ताहै।ग्रामीणोंकेमुताबिककईदफातोबच्चेउसपानीमेहीगिरकरघरवापसआजातेहै।

कहतीहैंप्रधानाध्यापक

विद्यालयतकपहुंचनेकेलिएकोईसुगममार्गनहींहै।जैसेतैसेपगडंडियोंकेसहारेस्कूलतकपहुंचनापड़ताहै।जबकिचारोंतरफखेतोंसेघिराहैऔरकाफीनिचलेसतहपरहोनेकीवजहसेयहांजलनिकासीकीव्यवस्थानहींहोपातीहै।जिसकीवजहसेहल्केबारिशमेंभीयहांजलजमावकीसमस्याउत्पन्नहोजातीहै।बारबारअधिकारियोंसेगुहारलगानेकेबावजूदइसओरकिसीकाध्याननहींजाता।जिससेछात्र-छात्राओंसेलेकरशिक्षकोंकोपरेशानीझेलनीपड़तीहै।-अंजुमआरा,प्रभारीप्रधानाध्यापकराजकीयउत्क्रमितमध्यविद्यालय,बैरियाखुर्द

By Farmer