जालंधर,[अंकितशर्मा]।डेढ़सालसेबच्चेघरपरहीबैठकरआनलाइनपढ़ाईकररहेहैं,मगरस्कूलवालेमुनाफाखोरीपरतुलेहुएहैं।वेहरतरहकेहत्थकंडेअपनारहेहैं,ताकिबच्चोंकीफीससेलेकरहरफंडकीवसूलसकें।उन्हेंतोबसपैसोंसेमतलबहै।अभिभावकोंकीपरेशानियोंकेबारेमेंस्कूलमैनेजमेंटसुननेकोतैयारनहींहैं।किसीकाकामचलरहाहोयानचलरहाहो,किसीकेपासनौकरीहोयानहो,पैसेहोंयानहों,उन्हेंअपनीपूरीफीसचाहिए।यहदर्दअभिभावकोंनेदैनिकजागरणकार्यालयमेंहुईराउंडदटेबलकेदौरानजाहिरकिया।अभिभावकोंकाकहनाहैकिइसपरपंजाबसरकारकोसख्तकदमउठानाचाहिए,लेकिनमुख्यमंत्रीकैप्टनअमरिंदरसिंहनेचुप्पीसाधरखीहै।

22मार्च2020कोलगेलाकडाउनकेबादसैकड़ोंलोगोंकीनौकरीचलीगईतोहजारोंलोगोंकेकामकाजबंदहोगए,मगरस्कूलवालेतोसिर्फअपनेखर्चेपूरेकरनेपरलगेहुएहैं।सरकारकोचाहिएथाकिवोपेरेंट्सकेहकमेंआगेआए।पिसतोमध्यमवर्गरहाहै।जिसकेदोयातीनबच्चेहैंवोबिनाकामकाजकेफीसकाजुगाड़कैसेकरेगा।पतानहींक्यूंकैप्टनसाहबइसमुद्देपरसामनेनहींआरहे।कोईभीविधायकसासांसदभीइसमुद्देपरनहींबोलरहाहै।क्याकिसीनेयहचेककियाकिकिसीस्कूलमेंपहले40शिक्षकथेतोआजवहां20कैसेरहगए?स्कूलोंनेअपनेखर्चतोघटालिएऔरसाराबोझपेरेंट््सपरडालदिया।

मोंटूसिंह,प्रधान,पेरेंट्सएसोसिएशनमाडलहाउस

स्कूलोंनेअपनाबोझपेरेंट्सपरडालदिया।आनलाइनपढ़ाईकरवारहेहैं,मगरखर्चलाकडाउनकेपहलेवालेहीकरवारहेहैं।इसकेलिएसरकारकोचाहिएकिवोआगेआएऔरपेरेंट्सकोभीचाहिएकिवोइक_ेहोकरस्कूलोंकेखिलाफआवाजउठाएं।शराबकेठेकेसुबहछहबजेखोलदिएजोरातभरखुलेरहतेहैं,परआमआदमीअगररेहड़ीभीलगालेतोउससेधक्केशाहीवपावरदिखाईजातीहै।सरकारकोइसपरकदमउठानाचाहिए।

कन्नूबहल,व्यवसायी

सवासालसेस्कूलबंदपड़ेहैं।उनकीबिल्डिंगकाकोईइस्तेमालनहींकियागया।बावजूदस्कूलसंचालकअपनीदुकानदारीचलानेकेलिएअभिभावकोंपरअतिरिक्तबोझडालकरअपनेखर्चेपूरेकररहेहैं।इसमुद्देपरसरकारभीचुपहै,तभीतोसुबहकुछबयानआताहैऔरशामहोते-होतेयहबदलजाताहै।शिक्षामंत्रीभीइसमेंकोईहस्तक्षेपनहींकररहे।दिल्लीकेसरकारीस्कूलप्राइवेटस्कूलोंकोटक्करदेरहेहैं,क्योंकिवहांसिस्टमबनायागया।यहांसिर्फबातेंहीहैं।

सिस्टममेंगड़बड़ीहै,तभीतोकोईभीमंत्रीवनेताइसमुद्देपरबोलनेकोतैयारनहींहै।सवासालसेबच्चेस्कूलनहींगए।घरसेहीपढ़ाईकररहेहैं,मगरजिसप्रकारसेस्कूलोंकीतरफसेपरेशानकियाजारहाहै,यहपेरेंट््सकोहीपताहै।सरकारकोचाहिएकिवोखुदस्कूलोंसेनिपटे।उनकेलिएकोईनकोईसुविधामुहैयाकराए।अभिभावकोंपरअतिरिक्तबोझतोनडालाजाए।जबस्कूलचलतेथेतोकामकाजभीठीकथा।अभिभावकोंनेतबकिसीप्रकारसेफीसकेलेकरआवाजनहींउठाई।आजहालातठीकनहींहैंतोउन्हेंभीसमझनाचाहिए।

राजकुमारराजू,समाजसेवक

जबसेलाकडाउनलगाहुआहै,कामकाजनहींचलरहा,क्योंकिहरतरहकेफंक्शनबंदहैं।आमदनीकेसभीरास्तेबंदहैं।जिसघरमेंदोयातीनबच्चेहैं,वोअपनेबच्चोंकाखर्चकैसेउठाएंगे।स्कूलवालेतोट्यूशनफीसकेअलावाबिल्डिंगफंड,एनुअलचार्जेस,आइटीफंडआदिकेसाथ-साथअबएडमिशनफीसकीडिमांडभीकररहेहैं।सरकारकोचाहिएकिवेम्यूजिशियनऔरमध्यमवर्गकेबारेमेंभीसोचे।

स्कूलमेंट्यूशनफीसदेनेकीबातहैतोकिसीकोकोईएतराजनहीं,क्योंकिपढ़ाईतोबच्चोंकीचलरहीहै।इसकेअलावानतोट्रांसपोर्टेशनहैऔरनहीस्कूलकीबिल्डिंगकाइस्तेमाल।इसकेबावजूदअभिभावकोंसेपहलेवालेसभीचार्जेजमांगेजारहेहैं।जिसघरमेंदोबच्चेहैं,उन्हेंअलग-अलगफोनलेकरदिया,साथमेंइंटरनेटकनेक्शनदिया,क्योंकिबच्चोंकीएकहीसमयमेंअलग-अलगक्लासेंहोनीहैं।स्कूलनेतोक्लासकेअलावाकोईसुविधानहींदी।

लाकडाउनजबसेलगाहै,कारोबारवदुकानदारीतोपटरीपरआहीनहींपाई।भार्गवनगरमेंऐसेकईअभिभावकहैं,जिन्होंनेबच्चोंकेलिएबैंकसेलोनलियाथा,ताकिवेअच्छेस्कूलमेंपढ़ासकें।आजकामकाजनहोनेपरवेकर्जमेंडूबगएहैं।बैंकतोअपनाब्याजडालकरमोटीरकमवसूलरहाहैऔरऊपरसेस्कूलअपनीमुनाफाखोरीपरउतरेहुएहैं।स्कूलोंनेसालोंतकमुनाफीहीकमाया।सभीसमझौतेक्यासिर्फअभिभावकोंकेलिएहीहैं,स्कूलोंकीकोईजिम्मेदारीनहीं।

स्कूलोंकीतरफसेआनलाइनक्लासेंलगवाईजारहीहैं,जिसकेलिएट्यूशनफीसकाफीहैं।मगरवेतोइसबातपरअड़ेहुएहैंकिजल्दसेजल्दसभीफंडदेकरअपनाबैलेंसक्लियरकरें।बच्चोंकीआनलाइनक्लासोंतकसेनामकाटेजारहेहैं।तरहकेमैसेजवफोनकालकेजरियेपेरेंट्सकोपरेशानकियाजारहाहै।स्कूलोंकोतोबससभीतरहकीफीसचाहिए।

By Dyer