संतकबीरनगर:स्कूलकेबच्चोंकोट्रेनदिखानेकेलिएमहिलाशिक्षकनेअपनेदमपरस्कूलकोहीट्रेनकारूपदेदिया।अबस्कूलकीजगहलोगोंकोप्राथमिकविद्यालयमंझरियारेलवेस्टेशनदिखताहै।जहांप्लेटफार्मपरएकनीलेरंगकीएक्सप्रेसट्रेनखड़ीमिलतीहै।बच्चोंकोशुद्धपानीमिलेइसकेलिएआरओवाटरप्लांटकीव्यवस्थाभीहै।पूरेस्कूलमेंमैटबिछाहै।बच्चोंकोस्वास्थ्यकेसाथसंस्कारितशिक्षामिलेइसकेलिएमहिलाशिक्षकप्रतिदिनयोगऔरध्यानभीकरवातीहैं।स्कूलकेबच्चेघरपहुंचकरअपनाहोमवर्कपूराकरतेहैं।

जिलामुख्यालयसेकरीबदसकिमीदक्षिणमेंप्राथमिकविद्यालयमंझरियाहै।अन्यविद्यालयोंकीतरहहीयहांभीतमामसमस्याएंथीं।लेकिनस्कूलकीसहायकअध्यापकअनीताजयसिंहनेठानलियाकिवेइसेआदर्शबनाकररहेंगी।गरीबघरोंकेबच्चेस्कूलआतेथे।अधिकतरबच्चोंनेट्रेननहींदेखीथी।रेलवेस्टेशनकैसाहोताहै,उन्हेंपतानहींथा।एकदिनवहक्लासलेरहींथींकिएकबच्चेनेपूछलियाकिट्रेनकैसीहोतीहै।उससमयउन्होंनेतयकियाकिवहअबबच्चोंकोट्रेनदिखाकरहीरहेंगी।उन्होंनेयहबातपरिजनोंकेसाथहीअपनेमित्रोंसेसाझाकिया।अगलेदिनहीस्कूलमेंकामशुरूहोगया।देखतेहीदेखतेस्कूलट्रेनमेंबदलगया।कमरेडिब्बेबनगए,परिसरप्लेटफार्मकारूपलेलिया।अबबच्चेस्कूलनहींट्रेनमेंबैठनेकेलिएआतेहैं।

शिक्षकबतातीहैंकिपहलेबच्चेयहांपढ़नेमेंकतरातेथे।अबउनकेविद्यालयमेंकरीबसौबच्चेआसपासकेगांवोंसेपढ़नेआतेहैं।इसमेंसेकरीबबीसबच्चेऐसेहैंजोबिनानामांकनकेहीपहुंचतेहैं।उनकेस्कूलकोदेखकरलोगआश्चर्यमेंपड़जातेहैं।अभीतकप्रशासनिकअधिकारियोंकेसाथहीविधायकसमेतकईजनप्रतिनिधिभीस्कूलदेखनेआचुकेहैं।

By Edwards