-आजकीपीढ़ीअतीतकेइनखेलोंसेबिल्कुलहैंअनजान

-स्थितियहीरहीतोआनेवालेसमयमेंशायदइनखेलोंकानामभीलोगोंकोनहींरहेगायाद

जागरणसंवाददाता,सुपौल:बदलतेजमानेकेसाथपरंपरागतसाधनोंकीदुनियांहीजैसेसिमटतीजारहीहै।आजकाबचपनभीटीवी,मोबाइलऔरकंप्यूटरपरहीअपनेमनोरंजनकेसाधनोंकीतलाशकरताहैऔरसुकूनमहसूसकरताहै।लेकिनलगभगतीनसेचारदशकपहलेतकगांवोंमेंतरह-तरहकेखेलखेलेजातेथे।कबड्डी,गुड़ीकबड्डी,खो-खो,चिक्का,कुश्ती,फुटबाल,वालीवालकेसाथ-साथदिनवरातमेंखेलेजानेवालेतरह-तरहकेखेलोंकाप्रचलनथा।डेंगापानी,झिझिरकोना,नुक्काचोरी,चोरसिपाही,अटकन-मटकन,पास-पास,घुघुआमना,कनिया-पुतरा,पचीसी,कितकितऔरगुल्लीडंडाकीअपनीअलगमहत्ताथी।हरखेलकाअपनामायनेथा।खेल-खेलमेंसामाजिकज्ञान,हिसाब-किताबअथवादुनियादारीकीतत्कालीनजरूरतोंकीसीखमिलजातीथी।गर्मीकेमौसममेंखासकरआमकेबगीचेमेंबच्चेडेंगापानीखेलाकरतेथे।बच्चोंद्वाराअलग-अलगसमूहमेंयहखेलखेलाजाताथा।इसखेलमेंपेड़ोंपरतेजीसेचढऩा,पेड़ोंपरदौडऩा,पेड़ोंसेकूदनाआदिशामिलरहताथा।कितकिततोलड़कियोंकासबसेप्रियखेलहुआकरताथा।जिसकाकोईसमयनहींहोताथाजबफुर्सतकेक्षणहोतेलड़कियांइसखेलमेंलगजातीथी।इसतरहकेखेलमेंबच्चोंमेंस्फूर्तिकासंचारहोताथा,उनकीशारीरिकक्षमताबढ़तीथी।इनखेलोंमेंसामाजिकताना-बानाबुनारहताथा।खुलेमैदानवखुलीहवामेंखेलेजानेवालेइनखेलोंकास्वास्थ्यकी²ष्टिकोणसेअन्यऔरकईफायदेहोंगे।ऐसेखेलसेसामूहिकतावसामाजिकताकोबढ़ावामिलताथा।शायदखेलसेअनुशासनकापाठकीबातइन्हींखेलोंसेचलीहोगीजहांबच्चेइनखेलोंकेसंविधानकाबखूबीनिर्वहनकरतेथे।जबकिकहींकोईनिर्णायककीभूमिकानहींहोतीथी।हाइटेकहोतेजमानेकेसाथहीअबजैसेयेखेललुप्तप्रायहोतेजारहेहैं।आजकीपीढ़ीअतीतकेइनखेलोंसेबिल्कुलअनजानहै।स्थितियहीरहीतोआनेवालेसमयमेंशायदइनखेलोंकानामभीलोगोंकोयादनरहे।

टीवीऔरइंटरनेटपरहोताबच्चोंकामनोरंजन

अबमैदानीखेलजैसेखत्मसेहोगयेहैं।आजकेचर्चितखेलक्रिकेटकोछोड़देंतोकहीं-कहींगांवोंमेंवालीवालकाप्रचलनदिखजायेतोदिखजायेअन्यथामैदानमेंखेलेजानेवालेखेलअबकहींदिखाईभीनहींदेते।आजकेबच्चेबड़ोंकीतुलनामेंकंप्यूटरवमोबाइलकाअधिकउपयोगकरतेहैं।वीडियोगेमवकार्टूनमेंहीउनकाअधिकसमयव्यतीतहोताहै।उनकेसामनेउनकेलियेजोगेमपरोसेजारहेहैंउनमेंएलियनसूटर,जोम्बीसूटर,हिटमैनटूआदिखेलआतेहैं।काररेसआदिकाभीकाफीप्रचलनबढ़ाहै।