विनीतमिश्र,मैनपुरी:नगरपालिकाहोयानगरपंचायत,चेयरमैनबननेकोयूंहीहोड़नहींमचती।संवैधानिकमायनेमेंयेप्रथमनागरिकसियासीभाषामेंशहरका'शहंशाह'भीमानाजाताहै।रुतवातोहोताहीहै,शहरकीसूरतबदलनेकेलिएउसेखजानाभीलबालबमिलताहै।

कहनेकोतोनिकायचुनावमेंराजनीतिकीपौधरोपीजातीहै।नगरपालिकायानगरपंचायतसदस्यकेरूपमेंसियासतकायेपहलापायदानपारकरतेहीसुनहरेभविष्यकीइबारतलिखनीखुदबखुदशुरूहोजातीहै।मगर,चेयरमैनीकेलिएप्रमुखराजनीतिकदलतोअपनीप्रतिष्ठाबनातेहीहैं,सियासतमेंकिस्मतआजमानेकेलिएप्रतिष्ठितपरिवारभीहिलौरेंमारनेलगतेहैं।आखिर,येसबहोभीक्योंना।चेयरमैनीकारसूखहीऐसाहै।प्रत्यक्षतौरपरचेयरमैनकोभलेही15हजाररुपयेशिष्टाचारव्ययकेरूपमेंमिलतेहैं,मगरप्रतिष्ठाकेआगेइसलाभकाकोईमायनेनहींहै।शहरमेंजबभीकोईप्रशासनिकआयोजनहो,वीवीआइपीआगमनहोयाअन्यकोईसंवैधानिकआयोजन,प्रथमनागरिककीउपस्थितिबगैरसंभवहीनहीं।

प्रथमनागरिकपरशहरकेविकासऔरजनसमस्याएंदूरकरानेकाजिम्माभीहोताहै।इसकेलिएकोईनिश्चितबजटनहींहोता।विभिन्नमदोंसेभारी-भरकमधनराशिअवमुक्तहोजातीहै।मैनपुरीनगरपालिकापरिषदकीहीबातकरेंतोबीतेपांचसालमेंही90करोड़सेअधिकरुपयेकाबजटमिला।

नगरपालिकामेंपांचसालमेंविकासवअन्यमदोंकोआईधनराशि

2014-15व2015-16जलनिकासीकेलिए60लाख।

2015-16मेंसोलरसिस्टमकेलिए4.16करोड़।

2015-16व2016-17अंत्येष्टिस्थलोंकेलिएएककरोड़।

2016-17सामुदायिककेंद्रोंकेनिर्माणको2करोड़।

क्याहैंनगरपालिकाअध्यक्षकेअधिकार

-नगरकेप्रथमनागरिककादर्जा।

-नगरपालिकाबोर्डकीबैठकमेंअध्यक्षकीओरसेप्रस्तावितकार्योंपरसदस्योंकीसहमतिलीजातीहै।

-जोभीप्रस्तावबोर्डमेंबनताहै,उसकेतहतकार्यकिएजातेहैं।

-नगरपालिकाअध्यक्षकोकोईमानदेयनहींमिलता।

-15हजाररुपयेप्रतिमाहशिष्टाचारव्ययकेरूपमेंमिलतेहैं।

-अध्यक्षएकलाखरुपयेतककेनिर्माणकार्यबगैरप्रस्तावकेकरासकतेहैं।-50हजाररुपयेतककेमालकीखरीददारीबिनाप्रस्तावकेवलकोटेशनकेआधारपरकीजातीहै।

-मूलभूतसुविधाएंसड़क,बिजली,पानीऔरसीवेजसिस्टमकीव्यवस्थाकरनाअध्यक्षकेअधिकारमेंहै।

सभासदकेअधिकार

-नगरपालिकाकेसभासदअपनेवार्डकेविकासकार्योंकेप्रस्तावबोर्डमेंप्रस्तुतकरतेहैं।उन्हेंबोर्डमेंस्वीकृतकियाजाताहै।येकार्यसभासदकीनिगरानीमेंहीहोताहै।

-एकहजाररुपयेसभासदकोप्रतिमी¨टगशिष्टाचारव्ययकामिलताहै।-सभासदकोयेअधिकारहैकिवहमनमानीकरनेवालेअध्यक्षकेखिलाफदोतिहाईबहुमतकेसाथअविश्वासप्रस्तावलासकतेहैं।

-स्थानीयनिकायप्राधिकारीक्षेत्रमेंमतदानकासभासदकोअधिकारहै।

-वार्डमेंउनकीप्रथमनागरिककीहैसियतहोतीहै।

आर्थिकलाभनेबढ़ादिएतलबगार

अबविकासकेकरोड़ोंरुपयेआनेलगेहैं।अध्यक्षकोसीधाकोईआर्थिकलाभनहींहै,लेकिनविकासकार्योंकेपीछेअप्रत्यक्षआर्थिकलाभहोताहै।यहीकारणहैकिचेयरमैनपदकेदावेदारोंकीसंख्यामेंतेजीसेइजाफाहोरहाहै।पहलेइतनाधननहींआताथा,लेकिनअबविकासकोशासनसेआनेवालीधनराशिमेंहरसालइजाफाहोरहाहै।

डॉ.सुमंतगुप्ता,वर्ष1989मेंचुनेगएनगरपालिकाअध्यक्ष(तबपहलीबारअध्यक्षसीधेजनतानेचुनाथा,उसकेपहलेसदस्यअध्यक्षचुनतेथे)

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