नयीदिल्ली,आठमई(भाषा)लॉकडाउनकेकईसप्ताहकेबादबिहारकेमनीषकुमारकीआंखेंघरलौटनेकीउम्मीदसेचमकउठीथींऔरवह5000रूपयेउधरलेकरएवंअपनाबोरियाबिस्तरबांधकरनयीदिल्लीरेलवेस्टेशनपरपहुंचगयाथालेकिनउसकासपनासपनाहीरहगया।अधिकारियोंकेअनुसारबिहारका24वर्षीययहप्रवासीमजदूरशुक्रवारकोदिल्लीसेमुजफ्फरपुरकेलिएरवानाहुईश्रमिकस्पेशनट्रेनमेंचढ़नहींपायाक्योंकिउसकानामउसमेंसवारहुए1200सौभाग्यशालियोंमेंनहींथा।कुमारदोअन्यकेसाथपांचसौरूपयेदेकरटैक्सीसेस्टेशनपहुंचाथा।वहउनकईफंसेहुएमजदूरोंमेंएकहैजिन्होंनेजरूरीफार्मभराथाताकिउसेघरवापसलेजायाजासके।परंतुउसकानंबरनहींआया।बृहस्पतिवारसेदोश्रमिकस्पेशलट्रेनेंफंसेहुएलोगोंकोलेकरमध्यप्रदेशऔरबिहारकेलिएरवानाहुई।उनमेंज्यादातरप्रवासीश्रमिकथे।इनदोनोंट्रेनोंमेंज्यादातरउन्हींलोगोंकोजगहमिलीजोदिल्लीसरकारकेआश्रयगृहोंसेथे।लेकिनअबभीएकबड़ातबकाराष्ट्रीयराजधानीमेंफंसाहैजिसकेपासकामऔररहनेकीजगहनहींहै।हैरानपरेशानकुमारनेकहाकिवहअपनेदोस्तअनिकेतऔरमोहम्मदरब्बानकेसाथ500रूपयेदेकररेलवेस्टेशनपहुंचाथा।रब्बानउन्हेंरास्तेमेंमिलाथा।घरकेलिएरवानाहोनेसेपहलेअपनेएकदोस्तसे5,000रूपयेलेचुकेकुमारनेकहा,‘‘वैगन-आरलेकरआरहेएकआदमीनेहमेंनयीदिल्लीरेलवेस्टेशनपहुंचानेकेलिए500रूपयेमांगा।हमवह500रूपयेभीगंवाबैठेएवंघरवापसभीनहींजासकते।’’रब्बानकोभीउम्मीदथीकिमोतिहारीमेंअपनेघरजानेकेलिएवहट्रेनमेंसवारहोजाएगा।एककपड़ाफैक्टरीमेंकामकरनेवाले16वर्षीयप्रवीणनेकहाकिउसकाभीनामसूचीमेंनहींहै।कुमारनेकहा,‘‘फंसेहुएलोगोंकोअपनेगृहराज्यपहुंचानेसेजुड़ेऑनलाइनफार्महमनेभराथा।यहसफलतापूर्वकअपलोडहोगयाथालेकिनमुझेकोईजवाबनहींमिला।मैंनेसोचा,‘‘मैंट्रेनमेंचढ़पाऊंगालेकिनपुलिसनेकहाकिचूंकिमुझेसंदेशनहींआयतोमैंयात्रानहींकरसकता।’’एक्सपोर्ट-इम्पोर्टकंपनीमेंकामकरनेवालेकुमारनेकहाकिलॉकडाउनकेबादउसेउसकेमालिकनेनौकरीसेयहकहतेहुएनिकालदियाकिउसकेपासदेनेकेलिएपैसेनहींहै।मकानमालिकभीउससेपैसेमांगनेलगा।कुमारनेकहा,‘‘कोईविकल्पनहींरहनेपरमुझेलगाकिघरजानाबेहतरहोगा।अनिकेतकीभीवहीस्थितिहै।

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