प्रयागराज,जेएनएन।कोरोनावायरसमहामारीकेदौरमेंपूरेदेशमेंलॉकडाउनथा।प्रवासीघरलौटनेकेलिएजीतोड़मेहनतकररहेथे।लोगोंकेसामनेआर्थिकसंकटखड़ाहोचुकाथा।कुछऐसेपरिवारभीथेजिनकेपासदोवक्तकीरोटीनहींथी।उन्हेंसहारादेनेकेलिएआगेआईंचंद्रशेखरआजादइंटरकॉलेजकीअंग्रेजीकीप्रवक्तावंदनासिंह।

शिक्षिकावंदनासिंहने70परिवारोंकोकोरोनासंक्रमणकालमेंगोदलिया।उन्‍होंनेतीनमहीनेतकउनकेभोजनकीव्यवस्थासंभाली।इतनाहीनहींपांचहजारसेअधिकमास्क,सैनिटाइजर,खानेकेपैकेटभीलोगोंकोबांटे।इससामाजिकयोगदानकेलिएउन्हेंविभिन्नसंस्थाओंकीओरसेपुरस्कृतभीकियागया।

ग्रामीणमहिलाओंकोआत्मनिर्भरबनानेकीभीछेड़ीहैमुहिम

नैनीमेंरहनेवालीवंदनाबच्चोंकोपढ़ानेकेसाथहीअपनेसामाजिकसरोकारोंकोपूराकरनेकेलिएपहलसंस्थाबनारखीहै।इसकेजरिएवहजरूरतमंदोंकोहरसालगर्मकपड़े,कंबल,गरीबबच्चोंकीपढ़ाईलिखाईकेलिएसंसाधनभीमुहैयाकरातीरहतीहैं।ग्रामीणक्षेत्रोंमेंमहिलाओंकोआत्मनिर्भरबनानेकेलिएसिलाई,कढ़ाईकाप्रशिक्षणभीदेतीहैं।अपनारोजगारशुरूकरनेकेलिएभीप्रेरितकरतीहैं।शहरमेंस्थितप्राथमिकविद्यालयरसूलाबादऔरमम्फोर्डगंजमेंभीसंसाधनमुहैयाकराएहैं।वहांडेस्क,बेंचआदिकाइंतजामकराया।

अनुसूचितबस्‍तीमेंस्‍वास्‍थ्‍यशिविरभीलगातीहैंवंदना

वंदनाकहतीहैंकिजगहजगहस्वास्थ्यपरीक्षणशिविरभीलगवानेकाप्रयासहोताहै।इनमेंलोगोंकीजांचकरमुफ्तमेंदवाएंभीदिलातेहैं।इसकार्यमेंकुछडॉक्टरोंकीभीमददलीजातीहै।ऐसेशिविरआमतौरपरअनुसूचितबस्तियोंमेंलगाएजातेहैं।बालिकाओंकोशिक्षासेजोडऩेकाभीप्रयासहोताहै।शिविरमेंआनेवालेलोगोंसेआग्रहहोताहैकिवहबेटियोंकोस्कूलजरूरभेजें।यदिसंसाधनोंकीकमीआड़ेआतीहैतोउसमेंहरसंभवमददकीकोशिशकीजातीहै।

वंदनापांचविषयोंसेहैंपरास्नातक

वंदनाकोपढ़ाईसेविशेषलगवाहै।यहीवहहैकिउन्होंनेपांचविषयोंअंग्रेजी,समाजशास्त्र,शिक्षाशास्त्र,दर्शनशास्त्रसेएमएकियाहै।इसकेअतिरिक्तएमबीएऔरबीएडकीभीडिग्रीहै।विद्यार्थियोंकोपढ़ानेकेसाथहीस्वयंभीसाहित्यिकपुस्तकोंकोपढऩेमेंखासरुचिरखतीहैं।

By Farrell