संवादसूत्र,मेदिनीनगर:पर्यावरणवप्रकृतिकीरक्षाकेलिएपिछले54वर्षोंसेदेशहीनहींबल्किविदेशोंमेंलोगोंकोजागरूककरनेवालेपर्यावरणधर्मगुरुकौशलकिशोरजायसवाललगेहैं।इससालवेझारखंडसमेतदेशके10राज्योंमेंदोलाखपौधाकरनेकासंकल्पलियाहै।बतातेहैंकिसबसेपहलेवेअपनेगांवसेइसकीशुरूआतकीथी।ग्रामीणअपनीभूमिपरपौधेलगानेसेडरतेथेकिबड़ेपेड़होनेपरजमीनसमेतपेड़सरकारकीहोजाएगी।ऐसेमेंउन्होंनेअपनेपितामोहनलालखुर्जाकीबातोंसेप्रभावितहोकर²ढ़संकल्पवमजबूतइच्छाशक्तिकेसाथजंगलबचाओ,जंगललगाओअभियानकीशुरुआतकी।ग्रामीणोंकेसाथमिलकरपहलेअपनीजमीनपरबादमेंग्रामीणोंकोप्रेरितकरउनकीजमीनपरपौधेलगवानाशुरूकिया।आजवहक्षेत्रजंगलकारूपलेचुकाहै।10वर्षोंकेबादतैयारहोनेपरवृक्षकटनेलगेतोइसेबचानेकेलिएपर्यावरणधर्मअभियानचलाया।इसकेलिएआठमूलमंत्रोंकेसाथवृक्षोंपररक्षाबंधनकरअभियानकोआगेबढ़ाया।कौशलकिशोरकाकहनाहैकिप्रदूषणकेखिलाफआजादीकीदूसरीलड़ाईबाकीहै।धरतीकातापमानबढ़रहाहै।84लाखजीवोंपरसंकटछागयाहै।जलवआक्सीजनसंकटसेनिजातपानेकेलिएप्रत्येकव्यक्तिकोपर्यावरणधर्मकेआठमूलमंत्रअपनातेहुएपौधेलगानावउसेबचानाहोगा।बतातेचलेंकिकौशलकिशोरकीजीवनीकीपढ़ाईस्कूलोंमेंहोरहीहै।उन्होंनेझारखंडकेराज्यपाल,विसअध्यक्षपीसीसीएफ,पंजाब,कर्नाटक,हिमाचलप्रदेशसमेतकईराज्योंसे46अवार्डदेकरसम्मानितकियाजाचुकाहै।उन्होंनेपर्यावरणविदसुंदरलालबहुगुणा,यूएसएकेजॉर्जएजेंट्स,नेपालकेसरोजशर्मा,जर्मनीकेप्रो.हैट्रिकवपेट्राके(जर्मनी),पंजाबकेइंद्रजीतकौर,जम्मू-कश्मीरकेअशोककुमार,कर्नाटककेपांडुरंगहेगड़े,केरलकेरामकृष्णहेगड़ेकेसाथदेशपर्यावरणसंरक्षणअभियानकोगतिदीहै।बाक्स..आत्मीयसंतुष्टिकीभावनासेदिलीपदेरहेपर्यावरणसंरक्षणदेरहेयोगदानफोटो:04डालपी06

कैप्शन:पौधावितरणसमारोहमेंएकदमदायेंसेसंस्थाकेदिलीपपांडेय,समाजसेवीपरशुरामओझा।संवादसूत्र,मेदिनीनगर:आत्मीयसंतुष्टिकीभावनासे पर्यावरणवसमाजकेविकासमेंअपनायोगदानदेनेमेंसामाजिककार्यकर्तादिलीपपांडेयजुटेहैं।8मार्च2006कोसंकल्पऑफडेवलपमेंटफाउंडेशननामकएनजीओ स्थापितकिया।दिलीपनेबतायाकिझारखंडसरकारनेसामाजिककार्यकेलिए2008मेंनिबंधनप्रमाणपत्रदिया ।वेउससमयसेलेकरआजतकसक्रियहैं।वे5जून2020से4जून2021तकपलामूमें9हजारपौधेलगाएंगे।इसकासंरक्षणभीकियाजाएगा।बतायाकिफाउंडेशनकेमाध्यमसेलोगोंकोअपनी-अपनीभूमिपरवृक्षारोपणकरानेकोजागरूककरतेहैं।ग्रामीणोंकोपौधावितरण,बीजवितरणकाकार्यकरतेहैं।पौधोंकेसंरक्षणववृक्षोंकीकटाईकोरोकनेकेलिएकईमुहिमचलायाहै।सक्षमलोगकेपासजाकरखालीपड़ीभूमिपरपौधेलगानेकेलिएसंसाधनमुहैयाकरातेहैंवपौधेलगवातेहैं।पौधोंकेसंरक्षणकेलिएभीलगातारप्रयासरतरहतेहैं।जंगलोंमेंपेड़कीकटाईकोरोकनेकेलिएगांवोंमेंसमय-समयपरशपथकार्यक्रमआयोजितकरातेहैं।दिलीपस्कूलोंमेंजाकरबच्चोंकेबीचपर्यावरणसरंक्षणकेमहत्वपरप्रकाशडालतेहैं।साथहीअपनेजन्मदिनजैसेशुभदिनपरपौधेलगानेकाआह्वानकरतेहैं।दिलीपनेबतायाकिउनकेलगाएगएपौधेआजपेड़कारूपलेलियाहै।इससेउन्हेंआत्मीयसंतुष्टिमिलतीहै।

By Doherty