बक्सर।हिदूसंस्कृतिमेंसभीजीवोंकोसामान्यमान्यतादीगईहै।वटवृक्षभीउसीकाएकहिस्साहै।धार्मिकमान्यताहैकिवटवृक्षमेंत्रिदेव(ब्रह्मा-विष्णु-महेश)कानिवासहै।इसीकोलेकरसोमवारकोश्रद्धालुमहिलाओंनेवटवृक्षकीपूजाकरनेकेसाथहीपतिकेदीर्घायुहोनेकीकामनाकी।

इसदौरानशहरकेरामरेखाघाटएवंनाथबाबाघाटपरहजारोंमहिलाओंकीभीड़जुटीहुईथी।जहां,वटवृक्षकोहल्दीकातिलक,सिदूरऔरचंदनकालेपलगायागया।वहीं,फल-फूलअर्पितकरकच्चेसूतलपेट108बारपेड़कोपरिक्रमाएंदीं।मान्यताहैकिसावित्रीनेवटवृक्षकेनीचेहीअपनेमृतपतिसत्यवानकोयमराजसेवापसलेलियाथा।पतालेश्वरमहादेवमंदिरकेपुजारीरविद्रनाथपंडितनेबतायाकिहिदूपुराणमेंबरगदकेपेड़मेंब्रह्मा,विष्णुऔरमहेशकावासबतायागयाहै।जहांब्रह्माइसकेजड़मेंविष्णुतनेमेंऔरशिवइसकेऊपरीभागमेंरहतेहैं।यहीकारणहैकिइसकेनीचेबैठकरविधि-विधानकेसाथपूजाकरनेसेमहिलाओंकोअखंडसौभाग्यऔरउन्नतिकीप्राप्तिहोतीहै।इसअवसरपरअनेकमहिलाएंसुहागसेजुड़ाहरश्रृंगारभीकरतीहैं।आचार्यमुक्तेश्वरशास्त्रीनेकहाकिमहिलाओंद्वाराआजकीगईपूजासेउन्हेंकईप्रकारकेप्रतिफलप्राप्तहुएहैं।आचार्यकेमुताबिकउन्हेंवटवृक्षऔरसावित्रीकीपूजाकरनेसेजहांपतिकीरक्षाकासौभाग्यफलप्राप्तहुआहै।वहीं,शनिदेवकाजन्मभीज्येष्ठमासकीसोमवतीअमावस्याकेदिनहोनेकेकारणउन्हेंइसकाभीलाभप्राप्तहोगा।आजहैविश्वपर्यावरणदिवस

पेड़हमारेजीवनमेंधार्मिकमहत्वतोरखतेहीहैं।वातावरणकोशुद्धरखनेमेंयहकुदरतकाएकअनमोलतोहफाभीहै।जहांवर्षाकेकारकहैं।वहीं,बहुतायतपेड़-पौधेऐसेहैंजोबीमारियोंमेंऔषधिहैं।बावजूदइसकेहमइन्हेंसंरक्षणनहींदेरहे।वर्तमानकीस्वार्थकीलिप्सामेंखुदकाभविष्यखराबकरनेपरतुलेहैं।आचार्यमुक्तेश्वरनाथशास्त्रीकाकहनाहैकिमहिलाओंनेपतिकेदीर्घायुकोजिसवटवृक्षकीपूजाकी।उनकीसंख्याभीबहुतकमहोगईहै।उन्होंनेलोगोंसेआह्वानकियाकिमंगलवारकोयानिआजविश्वपर्यावरणदिवसहै।इसकारणप्रत्येकव्यक्तिभीसंकल्पितहोकरकमसेकमदोबरगदकेपेड़काआजरोपणकरनाचाहिए।क्योंकिवटवृक्षकोमोक्षप्रदभीमानागयाहै।

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By Dunn