खोरीमहुआ(गिरिडीह):आजकेदौरमेंमामूलीविवादपरहीलोगथानेमेंप्राथमिकीदर्जकरानेदौड़जातेहैं।जमीनविवादमेंकईपीढि़यांकचहरीकेचक्करकाटतीरहतीहैं।ऐसेमेंखोरीमहुआअनुमंडलकादाऊदनगरगांवअलगनजीरपेशकररहाहै।इसगांवमेंआजादीसेलेकरअबतककोईभीविवादथानेतकनहींपहुंचा।नहीथानामेंगांवकेकिसीभीव्यक्तिनेकोईप्राथमिकीकीहै।

गांवमेंएकताऐसीहैकिआजभीअपनेविवादोंकोआपसमेंलोगसुलझालेतेहैं।खोरीमहुआअनुमंडलकीगोरहंदपंचायतकेदाऊदनगरगांवकीदूरीअनुमंडलमुख्यालयसेकरीब25किमीहै।इसगांवमें50सेज्यादाघरऔरकरीब200कीआबादीहै।यहभीप्रदेशकेअन्यगांवोंकीतरहहीहै।यहांकेग्रामीणमूलभूतसुविधाओंकेलिएभीतरसरहेहैं।बदहालस्कूलऔरगांवमेंजानेकेलिएकच्चीसड़क,यहइसगांवकीतस्वीरहै।लेकिनआपसीभाईचारेकेकारणयहगांवअन्यसेकुछखासहोजाताहै।यहांरहनेवालेग्रामीणउमेशसिंह,राजकुमारसिंह,जितेंद्रसिंह,विजयसिंह,किशोरसिंहनेबतायाकिगांवकेलोगसदियोंसेआपसीभाईचारेकोनिभारहेहैं।पूरागांवएकपरिवारकीतरहरहताहै।इसलिएहममेंजबकोईविवादहोताभीहैतोपुलिसकेपासनहींजाते।गांवकेपंच-सरपंचऔरगांवकेबड़ेबुजुर्गोकेपासजातेहैं।क्योंकिवेहीतोइसपरिवारकेमुखियाहैं।वेदोनोंपक्षसुनतेहैं।जोफैसलादेतेहैंउसेहममिलकरमानतेहैं।यानीसारेविवादहमआपसमेंहीसुलझालेतेहैं।

By Dodd