संवादसूत्र,दलाही:मसलियाकेरांगामटियामेंचलरहेश्रीरामचरितमानसनवाहपारायणज्ञानमहायज्ञकेपांचवेंदिनबुधवारकोश्रोताओंकीभीड़उमड़पड़ी।अयोध्याकेकथावाचकवैदेहीवल्लभशरणनेकहाकिश्रीरामकथाआजकेसमयमेंसुखवशांतिपूर्णतरीकेसेजीवनजीनेकीप्रेरणादेतीहै।भगवानकेचरणोंमेंमनलगानाचाहिए।भगवानकेबाल्यकालमेंहीविवाहोत्सवकाविषयप्रसंगसुनातेहुएकहाकिरामनेमहर्षिपरशुरामकादिव्यधनुषतोड़करजानकीसेविवाहकिया।जनकपुरसेलौटतेसमयराजाजनकमातासीताकोअपनेससुरालमेंएकसदगृहस्थजीवनजीनेकीबातअवधीलोकगीतोंकेमाध्यमसेसुनातेहैं।सासससुरकोमातापिता,देवरानीजेठानीकोबड़ीबहनछोटीबहनऔरदेवरकोछोटेभाईकीतरहमाननेकीबातबतातेहैं।प्रभुश्रीरामअपनेचारोंभाईयोंकेपत्नियोंवसद्गुरुविश्वामित्रकेसाथअवधपुरीलौटआतेहैं।अवधमेंलौटेबारातियोंकाभव्यस्वागतहोताहै।कथामंडपमेंविवाहकेकईसुंदरसुंदरगीतगायेजातेहैं।कथावृत्तांतकोमार्मिकढंगसेसुनातेकथावाचककथाकोआधुनिकताकेपरिवेशसेजोड़तेहैंऔरश्रीरामचरित्रकोअनुकरणीयबतातेहैं।आजकेविषमपरिस्थितियोंमेंभाईभाईकाअलगावऔरप्रभुश्रीरामलक्ष्मणभरतकेस्नेहकाचरित्रचित्रणकरतेहुएभाईभाईऔरपरिवारमेंपरस्परसामंजस्यस्थापितकरनेकीबातकरतेहैं।

बीचबीचमेंतुलसीदासकीचौपाईसंगीतकेसाथप्रस्तुतकीजातीहैतोमाहौलहीबदलजाताहै।

By Edwards