रोहतास।तंत्र-मंत्रकासंसारकाफीरहस्यमयीहै।साधनासेसिद्धियांप्राप्तहोतीहैं।साधनाकेचारप्रकारमानेगएहैं-तंत्रसाधना,मंत्रसाधना,यंत्रसाधनाऔरयोगसाधना।इनमेंतंत्रसाधनाकाफीरहस्यमयीहै।स्थानीयगीताघाटआश्रममेंआयोजित108कुंडीयमांताराचंडीमहायज्ञमेंपधारेस्वामीदिव्यचेतनानंदजीनेगुरुवारकोयहबातेंकहीं।

कहाकितंत्रकामतलबजादू-टोनानहींहै।यहएकतरहकाज्ञानप्रकाशहै।कईलोगइसकेनामपरढोंगकरअपनाउल्लूसीधाकरतेहैं।तंत्रकोइसीतरहकेलोगोंनेबदनामकरदियाहै।तांत्रिकसाधनाकामूलउद्देश्यसिद्धिसेसाक्षात्कारकरनाहै।इसकेलिएअंतर्मुखीहोकरसाधनाएंकीजातीहैं।इसीलिएलगभगसभीधर्मोंमेंजीवनकीसमस्याओंकाहलतंत्रमंत्रकेमाध्यमसेबतायागयाहै।

उन्होंनेकहाकिलोगोंकोकृपाबरसानेकेनामपरगुमराहकरनेवालेलोगोंसेसावधानरहनाचाहिए।तंत्रकेप्रथमउपदेशकभगवानशंकरहैं।भगवानकेअलावाकिसीमेंताकतनहींहैकिवहकृपाबरसासके।भगवानसूर्यउदयहोनेकेसाथहीअपनीकृपाकीबारिशसबपरसमानरूपसेकरतेरहतेहैं।उन्होंनेमांबगलामुखीवमांताराचंडीकीमहिमाकाभीविस्तारसेवर्णनकिया।एकसवालकेजवाबमेंकहाकिअयोध्यामेंराममंदिरनिर्माणकेलिएगंभीरप्रयासहोनाचाहिए।कहाकियहसोचनेवालीबातहैकिपहलेरामपैदाहुएयापहलेबाबरआया।अबशीघ्रफैसलाकोर्टकोदेनाचाहिए।कौन-किसकेजमीनपरकब्जाकियायहदेशकेलाखोंलोगजानतेहैं।सरकारजनभावनाओंकेअनुरूपकार्यकरे।