जागरणसंवाददाता,भागलपुर।पीडि़तमानवताकोखूनमिलसकेइसलिएरक्तदानकरताहूं।यहकहनाहैजवाहरलालनेहरूचिकित्सामहाविद्यालयअस्पतालकेहड्डीरोगविभागमेंपदस्थापितसहायकप्राध्यापकडॉ.सोमेनचटर्जीका।

डॉ.चटर्जी20वर्षोंसेलगाताररक्तदानकरतेआरहेहैं।अभीतक40बारसेअधिकरक्तदानकरचुकेहैं।प्रत्येकवर्ष23जनवरीऔरएकजुलाईकोरक्तदानकरतेहैं।इसकार्यमेंउनकीपत्नीअनिताचटर्जी,पुत्रशाश्वतऔरपुत्रीसृष्टिभीसाथदेतीहै,औररक्तदानकरनेसेपीछेनहींहटतीं।साथहीकईसामाजिककार्योंमेंभीइन्हेंरुचिहैऔरलोगोंकीमददभीकरतेहैं।

उन्होंनेकहाकिअस्पतालमेंकईऐसेमरीजकेस्वजनोंकोदेखेहैंजोरक्तनहींदेनाचाहते।यहांतककिपिताऔरमाताकोभीपुत्ररक्तनहींदेनाचाहता।कईबारतोअस्पतालमेंइसीमुद्देपरआपसमेंलड़ाईभीकरलेतेहैं।कहीसेरक्तकाजुगाड़होजायवहइसीप्रयासमेंरहताहै।लेकिनउसेयहजानकारीनहींहैकिअगरबाहरसेरक्तलेनेपरउसमेंगड़बड़ीभीहोसकतीहै।

रक्तदानकरनेकेपीछेमकसदयहभीहैकिदूसरेलोगभीरक्तदानकरनेकेलिएप्रेरितहों।समाजकेलोगोंकोभीरक्तदानकरनेकेलिएप्रेरितकरतेहैं।इससेप्रभावितहोकरलोगइसमहानकार्यमेंशामिलभीहोतेहैं।उन्होंनेकहाकिरक्तदानकरनेसेकभीभीकमजोरीनहींआतीहै।बल्किरक्तदानकरनेवालाव्यक्तिऔरभीस्वस्थहोताहै।रक्तदानकरनेकेपहलेरक्तदाताकीसभीप्रकारकीजांचकीजातीहै।कोईबीमारीनहींनिकलनेपरहीउसकारक्तलियाजाताहै।इससेव्यक्तिकोयहजानकारीभीमिलतीहैकिवहनिरोगहै।

By Douglas