पानीपत,जागरणसंवाददाता।मानवसेवासमितिशिवपुरीमंदिरशहरकेमध्यमेंस्थितहै।बसअड्डेऔररेलवेस्टेशनसे500मीटरकीहीदूरीइसमंदिरपड़तीहै।यहांआनेजानेसेलिएआटोसेलेकररिक्शातकउपलब्धहै।पूरेशहरसेसंगतपहुंचतीहै।

मंदिरकाइतिहास

शिवपुरीमेंलोगआनेसेभीडरतेथे।मानवसेवासमितिनेयहांशिवमंदिरकीस्थापनाकी।50वर्षपूर्वबनेइसमंदिरमेंअबसुबहशामपूजाहोतीहै।यहश्रद्धाकाकेंद्रबनाहुआहै।यहपहलामंदिरबनाथाजोशमशानघाटकेअंदरबनायागया।अबतोकईशिवपुरीमेंमंदिरबनचुकेहैं।

मंदिरकीविशेषता

मंदिरमें12ज्योतिर्लिंगकीस्थापनाकीगईहै।हररविवारकोयहांसुबहशामसंकीर्तनहोताहै।मंदिरहालबनाहुआहै।शिवपुरीमेंमंदिरहोनेकेबादभीयहअहसासतकनहींहोताकियहांशिवपुरीभीहै।रविवारकोभक्तोंसेमंदिरकाहालभरारहताहै।यहांमहाशिवरात्रिपरपूरीरातपूजाकीजातीहै।बच्चोंसेलेकरमहिलाएंबुजुर्गइसपूजामेंभागलेतेहैं।मंदिरमेंवटवृक्षहैजिसकीलोगपूजाकरतेहैं।

रोजानालगताहैलंगर

मंदिरकेप्रधानवेदमक्कड़काकहनाहैकियहांरोजाना12बजेलंगरलगताहै।50वर्षोंसेयहांलंगरकीव्यवस्थाहै।लंगरमेंक्वालिटीकाविशेषध्यानरखाजाताहै।मंदिरमेंपांचवींकक्षातकमुफ्तशिक्षाकेलिएस्कूलभीहै।

लावारिशशवोंकेसंस्कारहोतेहैं:उमाशंकरपांडे

मंदिरधार्मिकआस्थाकाप्रतीकहै।यहांलावारिसशवोंकासंस्कारहोताहै।नगरनिगमजनसेवादलमानवसेवासमितिलावारिशशवकासंस्कारकरतेहैं।संस्कारकीपूरीव्यवस्थाकीगईहै।भक्तोंकीमन्नतयहांपूरीहोतीहै।

अंबालासेक्टर-9महादेवमन्दिर

अंबालासेक्टरनौस्थितमहादेवएवंसत्संगभवनबनायाहुआहै।इसमेंलोगोंकीकाफीआस्थाहै।इसमंदिरमेंसेक्टरनौ,हाउसिंगबोर्डऔरलक्ष्मीनगरसमेतएरियाकेलोगपहुंचतेहैं।जोयहांबनेशिवलिंगपरजलाभिषेककरतेहैं।सावनकेकारणमंदिरमेंसबसेज्यादाश्रद्धालुओंकाजमावड़ासोमवारकोलगजाताहै।हालांकियहांकोरोनाकीगाइडलाइनकापूराध्यानरखाजारहाहै।मंदिरकी

मंदिरकाइतिहास

सेक्टरनौमेंपहलेमंदिरनहींथातोलोगोंनेसन2000मेंराशिएकत्रितकरकेएककमराखरीदाथा।इसीकमरेमेंपूजापाठकियाजाताथा।इसमेंमूर्तियांलगादीगईथी।इसकेबाद2003-04मेंलोगोंकेसहयोगसेऔरकमरोंकोखरीदागया।छहकमरेहोगए।इसकेबादउनसभीकमरोंकोगिराकरएकहालबनवायागया।2004-05मेंमंदिरकानिर्माणकरवायागया।

मंदिरकीतैयारी

सावनकोलेकरमंदिरमेंपाठपूजाकीजारहीहै।महारुद्राक्षकेयज्ञसुबहपांचसे7बजेतकचलतेहैं।इसकेबाद11बजेकरतेहैं।सोमवारकोबहुतज्यादाभीड़होजातीहै।महाशिवरात्रियाअन्यकार्यक्रमहोताहै।सावनशुरूहोनेसेपहलेमंदिरकोअच्छेतरीकेसेसैनिटाइजभीकियागयाथा।

मंदिरमेंकाफीलोगपाठपूजाकरनेपहुंचतेहैं।लोगोंकीमंदिरमेंआस्थाहैऔरउनकीमन्नतेंभीपूरीहोतीहैं।श्रद्धालुबेहिचकमंदिरमेंआसकेइसकेलिएव्यवस्थाकीजातीहै।भारतभूषणअग्रवाल,प्रधान,महादेवमंदिरएवंसत्संगभवन

सावनमाहकेशुरूहोतेहीमंदिरमेंविशेषपूजापाठशुरूकरदीगईथी।मंदिरप्राचीननहींहै,लोगोंनेखुदमंदिरकोतैयारकरवायाहै।इनदिनोंमंदिरमेंमहारुद्राक्षकेयज्ञसुबहपांचसेकिएजातेहैं।पंडितदिनेश।