अरविदराणा,हजारीबाग:कचरेसेआजादीकेमुहिममेंझीलनगरनिवासी50वर्षीयशिवेंदूकुमारसबसेबड़ेसिपाहीहैं।पेशेसेछात्रावाससंचालकशिवेंदूकुमारउर्फभैयाजीनेअकेलेसेवाभावसेएकदोनहींबल्कि12वर्षोमेंगोबर,मल-मूत्रकेदुर्गंधसेभिनभिनातीझीलनगरकीगलियोंमेंफूलोंकीमहकबिखेरदीहैं।इनकीमेहनतनेसड़ककीसूरतहींनहींबदलीबल्किमोहल्लेवासियोंकाविचारभीबदलदिया।इसरोडमेंलोगनाकपररुमालरखकरआतेथे।आजउससड़कमेंफूलोंकीखुशबूऔरदोनोंओरपेड़ोंकेछांवमिलतीहै।

हरदिनचारघंटेकादियासमय,बदलदीतस्वीर

भैयाजीहरदिनकरीबचारघंटेतकसड़कपरझाडूलेकरनिकलजातेथे।साफ-सफाईसेपूरीदिनचर्याशुरुहोतीथी।सड़ककेकिनारेबनाएगएफूलोंकीक्यारियांमेंपानीदेनाइनकीआदतमेंशुमारहोगईथी।झीलनगरमेंपुलिसक्लबसेलेकरतीनसौमीटरदूरतककीसड़ककोचकाचकहींनहींकरदिया,बल्किकईपौधेलगाकरलोगोंकोपर्यावरणसरंक्षणकासंदेशभीदियाहै।

अबलोगोंकोयहपार्ककाअहसासकरातीहै

गोबरऔरमल-मूत्रसेसनीरहनेवालीझीलनगरकी10फीटचौड़ीसड़कमेंकभीलोगचलनाभीदूभरसमझतेथे।आजवहसड़क40फीटचौड़ीहोगईहैऔरलोगोंकोपार्ककाअहसासकरातीहै।देररातलगाएगएफूलोंकीखुशबूपूरेमोहल्लेकोसराबोरकरदेतीहै।वहींवृक्षोंकीछायाऔरसाफसुथरीसड़कलोगोंकाध्यानअपनीओरखींचलेतीहै।लेकरसड़कोंपररोशनी,झाड़ियोंकीकटाईजैसेकार्यभीकरतेहैं।इनकाअथकप्रयासकाहीफलहैकिआजझीलनगरकी10फीटचौड़ीसड़क40फीटकीहोगईहै।सड़ककेदोनोंओररंगबिरंगेफूलसेलेकरफलदारपौधेलगाकरमोहल्लेकीपहचानहीबदलदी।वेबतातेहैंकिएकदिनबदबूसेपरेशानहोकरउन्होंनेसफाईकीठानी।लेकिन,धीरे-धीरेमेंयहमेरीजिदगीकाहिस्साबनगया।मैंनेइसेदिनचर्यामेंशामिलकरलियाऔरस्थितियांकाफीबदलगईहै।लोगोंकोलाभमिलरहाहै।स्वयंलोगभीआगेआनेलगेहैं।एकतरहसेअभियानकाहिस्साबननेलगेहैं।

By Duffy