मदनपांचाल,गाजियाबाद:सरकारसेअलगहटकरदाताओंकेसहारेभीबुनियादीसुविधाओंकाढांचाहरदौरमेंमजबूतहुआहै।स्कूल,अस्पताल,सरायऔरबसअड्डोंकेलिएपहलेभीदानवीरदिलखोलकरदानदेतेथेऔरआजभीकोईकमीनहींहै।अबशहरकेबीचोबीचबनेजिलाएमएमजीअस्पतालकोहीलीजिए।आजादीकेबादइसअस्पतालकेनिर्माणकेपीछेबड़ीकहानीहै।95वर्षीयसीतारामसिघलकेअनुसारशहरकेसेठमुकंदलालनेएकदिनएकबुजुर्गकोदेखावहअपनेबेटेकेसाथकराहतीअपनीपत्नीकोकंधोंपरलिएअस्पतालकीतलाशमेंभटकरहाथा।सेठकीमददसेउसमहिलाकोदिल्लीकेअस्पतालमेंभर्तीकरायागयालेकिनमहिलाकीजाननहींबचपाई।बससेठनेमनमेंठानलियाकिशहरमेंअस्पतालबनानाहै।अगलेहीदिनम्युनिसिपिलअफसरोंसेमिलकरप्रस्तावरखाकिजीटीरोडपरउनकी13एकडजमीनहै।वहइसकोअस्पतालनिर्माणकेलिएदानदेनाचाहतेहैं।प्रस्तावमंजूरहोगयाऔरडिजायनबनालियागया।बड़ेदिलकीबातदेखिएकिअस्पतालकेनिर्माणकीलागतवहनकरनेकोभीसेठमुकंदलालतैयारहोगए।सेठमुकंदलालनेएमएमएचइंटरकालेजएवंडिग्रीकालेजभीबनवाया।विद्यावतीडिग्रीकालेजएवंसुशीलाइंटरकालेजभीसेठभीबनवायागया।

दोसालमेंबनकरतैयारहुआअस्पताल

मुकंदलालम्युनिसिपिलगवर्नमेंटहास्पिटलकानिर्माणदोसालमेंपूराहुआ।शहरकीकरीबतीसहजारआबादीकोध्यानमेंरखकरअस्पतालबनायागयाथा।इसकाशिलान्यास17अक्टूबर1954कोप्रदेशकेतत्कालीनरसदएवंस्वास्थ्यमंत्रीचंद्रभानगुप्ताद्वाराकिया।भवनबननेकेबादइसकाउद्घाटन5जनवरी1956कोरसदएवंस्वास्थ्यमंत्रीचंद्रभानगुप्ताद्वाराकियागया।पचासबेडकेअस्पतालमेंशुरूमेंकेवलपांचचिकित्सकतैनातकिएगए।67सालबादइसाअस्पतालमें27चिकित्सकोंसमेतडेढ़सौकास्टाफहै।230बेडहैं।रोजदोहजारमरीजोंकेलिएओपीडीचलतीहै।मेडिकलजांचनिश्शुल्कहोतीहैं।इमरजेंसीमें24घंटेउपचारकाइंतजामहै।तीनएंबुलेंसघायलएवंगंभीरमरीजोंकोदिल्ली,नोएडाऔरमेरठकेअस्पतालोंमेंभर्तीकरनेकेलिएदौड़तीरहतीहैं।13एकड़जमीनदानमेंमिलनेकेबादजिलामहिलाअस्पतालऔरजिलाक्षयरोगविभागकानिर्माणभीहुआ।इसकेअलावाअस्पतालमेंमानसिकरोगियोंकीकाउंसिलिगकाभीइंतजामहै।

कोरोनाजांचएवंटीकाकरणकासबसेबडाकेंद्रबना

जिलाएमएमजीअस्पतालमेंएकसालसेकोरोनाकीजांचहोरहीहै।रैपिडएंटीजन,ट्रूनेटमशीनकेसाथहीआरटी-पीसीआरजांचभीकीजारहीहै।15अगस्त2020कोशासनकेनिर्देशपरजिलाएमएमजीअस्पतालमेंकोरोनाजांचकीलैबकासंचालनशुरूकियागया।अबतकइसलैबद्वाराडेढ़लाखलोगोंकीजांचकीजाचुकीहैं।दोजांचबूथोंलगातारचलरहेहैं।इसकेसाथहीकोरोनासेबचावकेलिएटीकाकरणकेंद्रभीसंचालितहैं।केंद्रपररोजदोसौलोगोंकोकोवैक्सीनलगाईजारहीहै।संयुक्तअस्पतालमेंकोविडअस्पतालकासंचालनहोनेसेआपातकालीनसेवाएंएमएमजीमेंहीचलरहीहैं।

जिलेकासबसेपुरानाएवंसबसेबड़ासरकारीअस्पतालहै।संसाधनपूरेहैंलेकिनचिकित्सकोंकेअभावमेंकईबारगंभीरमरीजोंकोदिल्लीरेफरकरनापड़ताहै।कोरोनाजांचमेंअस्पतालकेबूथोंकासबसेबड़ारिकार्डहै।पांचबजेतकसैंपललिएजातेहैं।गंभीरमरीजोंकीआरटी-पीसीआरजांचरिपोर्टआठघंटेमेंदेदीजातीहै।नानकोविडमरीजोंकोपूराउपचारमिलरहाहै।वैक्सीनेशनसेंटरभीसुचारुरूपसेचलरहाहै।

-डा.अनुरागभार्गव,सीएमएसजिलाएमएमजीअस्पताल

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