संवादसूत्र,मरौना(सुपौल):मरौनाप्रखंडकेगिदराहीनिवासीइंदलमुखियाखुदअपनीपढ़ाईभीकरतेहैंऔरबच्चोंकोभीपढ़ातेहैं।गरीबबच्चोंकोवहनिश्शुल्कपढ़ातेहैं।इनकेपिताघूरणमुखियाभीबच्चोंकोलगातारशिक्षादानदेरहेहैं।इंदलमैट्रिककरनेकेबादसेहीअपनेपिताकीतरहगरीबवजरूरतमंदबच्चोंकोमुफ्तशिक्षादेरहेहैं।प्राथमिकस्तरकेविद्यालयहोनेकेबावजूदयहांकेअभिभावकोंमेंबच्चोंकोपढ़ानेकीइच्छाशक्तिकाअभावहै।इसकारणभीइंदलनेमैट्रिककेबादआगेकीपढ़ाईगांवमेंरहकरहीकरनामुनासिबसमझा।उसनेगांवकेगरीबबच्चोंकोमुफ्तशिक्षादेनेकासंकल्पलिया।अपनेघरकोहीपाठशालाकारूपदेदिया।शुरूमेंतोगांवकेलोगउनकेइसकार्यकामजाकउड़ातेथे,लेकिनआजवहीलोगउसकेजज्बेकोसलामकरतेहैं।प्रतिदिनवहबिनास्वार्थकेगांवकेदोदर्जनसेअधिकबच्चोंकोघरपरपढ़ातेहैं।शुरुआतीदौरमेंतोबहुतसारेबच्चेपढ़ने-लिखनेकेलिएतैयारनहींथे।लेकिनउनकीप्रेरणाऔरलगनसेआजतीनदर्जनसेअधिकबच्चोंकोवेनित्यबिनाकिसीबाधाकेपढ़ातेहैं।आजवहअपनेटोलेकीहीनहींबल्किसमूचेगांवकेलिएमिसालबनेहुएहैं।गांववालोंकोउनपरगर्वहै।लोगउनकेकार्यकीसराहनाकरतेनहींथकते।पूरेगांवकेबच्चोंकोशिक्षितबनानाउनकेजीवनकामूललक्ष्यहै।

इंदलनेबतायाकिएकतोपिताकोदेखकरहमेशाइसबातकीजिज्ञासाबनीरहतीऔरमनहीमनसंकल्पभीलियाकरताथा।स्कूलसेलौटकरघरआनेकेबादशाममेंखेलनेजायाकरताथा।वहांगरीबबच्चोंकोखेलतेबराबरदेखताथा।तबमनमेंविचारजगाकिक्योंनइनगरीबबच्चोंकोशिक्षितकियाजाए।उसीक्षणसंकल्पलियाऔरगरीबबच्चोंकीबस्तीमेंजाकरउन्हेंमुफ्तमेंशिक्षादेनेकीठानली।

By Doyle