नयीदिल्ली,16जून::दक्षिणपूर्वीदिल्लीकेजैतपुरएक्सटेंशनइलाकेमेंआर्थिकरूपसेकमजोरपरिवारोंकीवैसीअधिकतरमुस्लिमलड़कियांजोवित्तीयऔरधार्मिकदोनोंकारणोंसेशिक्षापानेमेंअसमर्थथीं,उन्हंेआजशिक्षापानेकासौभाग्यप्राप्तहोसकाहै।ओखलाकेपासजैतपुरएक्सटेंशनस्थितएकपुनर्वासकॉलोनीमेंगरीबऔरमध्यमवर्गीयपरिवारोंकेघरहैंजिनकेपरिवारकेमुखियाअधिकतरदिहाड़ीमजदूरहैं।नतीजतन,इलाकेमेंलगभगहरघरमेंऐसीलड़कियांमौजूदहैंजोस्कूलकीपढ़ाईछोड़चुकीहैं।लिहाजा,इसचलनकेविरूद्धफरीदाखाननेऐसीछात्राओंकेलिएमुफ्तकक्षाएंशुरूकींऔरइनमेंसेकुछतोहालमेंजामियामिलियाइस्लामियायूनीवर्सिटीसेनिजीअभ्यर्थीकेतौरपरमैट्रिकऔरइंटरमीडिएटकीपरीक्षामेंबैठींऔरउन्होंनेपरीक्षापासभीकी।पहचाननामककोचिंगसेंटरकीनिदेशकफरीदानेकहा,येलड़कियांपढ़नाचाहतीथींलेकिनऐसाकरनहींसकीं।पूरेइलाकेमेंकुछतरहकीनकारात्मकताहैं।अपनेजीवनमेंमैंभीइसदौरसेगुजरचुकीहूंऔरइसलिएमैंनेइसेबदलनेकाफैसलाकिया।पहचानएकगैरसरकारीसंगठनहैजो2015मेंपंजीकृतहुआथा।उन्होंनेकहा,सबसेमुश्किलकामहोताहैउनकेमातापिताकोइसकेलिएराजीकरनाकिलड़कियोंकोपढ़ानासुरक्षितऔरउपयोगीदोनोंहै।शुरूमेंतोकईसंदेहमेंथेलेकिनपरीक्षामेंछात्राओंकेअच्छेप्रदर्शननेउनकेमातापिताकानजरियाबदलदिया।

By Doyle