मोतिहारी।नक्सलीहिसासेदोदशकतकआक्रांतरहेदरपाथानाक्षेत्रकेपिपरागांवस्थितउत्क्रमितमाध्यमिकविद्यालयकीशिक्षणव्यवस्थादेखकरलगाकिएचएमशिवशंकरगुप्ताकेनेतृत्वमेंअध्यापकोंकीटीमआगमेंफूलखिलानेकेकाममेंजुटीहैं।संसाधनकेअभावमेंबच्चेजमीनपरबैठकरहीअध्ययनकररहेथे।विद्यालयपरिसरमेंकहींशोर-शराबानहींदिखा।बच्चेकाफीअनुशासितथे।सामान्यज्ञानभीउनकाअच्छाथा।वर्ग8कीछात्राआयुषीकुमारीएवंवर्ग5कीरुचिकुमारीनेबतायाकिचेतनासत्रकेदौरानप्रधानाध्यापकप्रतिदिनअनुशासनऔरसामान्यज्ञानकीबातेंबतातेहैं।सभीकक्षाओंमेंअध्यापकपढ़ारहेथे।कुछदेरकेबादटिफिनकीघंटीबजीऔरसभीछात्रबगैरशोरमचाएबगलकेखेलकेमैदानमेंखेलनेचलेगए।वहींछोटेबच्चेअपने-अपनेघरखानाखानेचलेगए।यहांबतादेंकिपिपराकेजिसपूरबारीटोलामेंयहविद्यालयस्थितहै,यहीटोलानक्सलीहिसासेपूरीतरहग्रस्तथा।कितुआजइनबच्चोंकोदेखकरइसगांवकीसकारात्मकतस्वीरउभरतीहै।यहींवहविद्यालयहै,जहांतत्कालीनएसपीपारसनाथनेस्कूलीबच्चोंकेबीचपाठ्यसामग्रीकावितरणकरउन्हेंशिक्षासेजोड़नेकाप्रयासकियाथा।आजउनकायहप्रयासरंगलेचुकाहै।कितुआश्चर्यकीबातहैकियहविद्यालयसरकारीउदासीनताकाशिकारहै।इसकाबाउंड्रीवर्षोसेटूटाहुआहै।किचेनशेडध्वस्तहोचुकाहै।विद्यालयमेंनामांकितवर्ग1सेवर्ग9,10तककुल1407छात्रछात्राओंकोपढ़ानेकेलिएमात्रएचएमसहित8शिक्षकहीपदस्थापितहैं।जबकियहांकम-से-कम15से20शिक्षकहोनाचाहिए।वहींकमरोंकीसंख्याभी8है।जबकि15कमराहोनाचाहिए।इतनेछात्रोंकेलिएमात्रएकचापाकलहै,जोउंटकेमुंहमेंजीराकेसमानहै।शौचालयकीसंख्या4है।विद्यालयमेंप्रतिदिनऔसतन600से700केबीचमेंछात्रोंकीउपस्थितिरहतीहैं।वर्ग9,10में138छात्रनामांकितहैं।जिनकेबैठनेकेलिएनहींतोबेंच-डेस्कहैऔरनतोशिक्षक।कहनेकोतोइसेउच्चविद्यालयकेरूपमेंउत्क्रमितकरदियागयाहै,कितुसरकारनेअबतककईसंसाधनमुहैयानहींकरायाहै।नतीजतनएचएमकोहीअधिकांशकक्षाएंलेनीपड़तीहै।एचएमशिवशंकरगुप्तानेबतायाकिइसपंचायतमेंयहीएकमाध्यमिकविद्यालयहै,जिससेछात्रोंकीसंख्याकाफीहै।शिक्षकोंकीसंख्याकाफीकमहै,जिससेवर्गसंचालनकरनेमेंबहुतपरेशानीहोतीहै।