जागरणसंवाददाता,रेवाड़ी:शहरकेव्यस्तमार्गमेंसेएकधारूहेड़ाचुंगीपरस्थितमांकालीदेवीमंदिरवर्षोंसेश्रद्धालुओंकेलिएआस्थाकाकेंद्रबनाहुआहै।इसमंदिरकेप्रतिश्रद्धालुओंमेंआस्थाबढ़तीजारहीहै।मंदिरमेंशहरऔरदिल्लीरोडकेआसपाससेश्रद्धालुपूजा-अर्चनाकरनेपहुंचतेहैं।

मंदिरकेप्रतिआस्थारखनेवालेश्रद्धालुओंकेअनुसारइसमंदिरकाइतिहाससैकड़ोंवर्षपुरानाहै।यहांकभीछोटासामंदिरथा,लेकिनसमय-समयपरइसकाजीर्णोद्धारहोतेरहनेसेइसकास्वरूपआजविस्तृतहोरहाहै।मंदिरमेंमांकालीदेवीकेसाथअन्यदेवी-देवताओंकीमूर्तियांस्थापितहोनेसेश्रद्धालुओंकीभीड़लगीरहतीहै।

धारूहेड़ाचुंगीमार्गपरस्थितहोनेकेकारणयहांआनेकेलिए24घंटेयातायातकीसुविधाहै।बसअड्डाऔररेलवेस्टेशनसेकरीबएककिलोमीटरकीदूरीपरस्थितमंदिरमेंदिल्लीरोड,कालाकारोडतथाइसकेआसपासकेक्षेत्रोंसेश्रद्धालुपहुंचतेहैं।इसकेअलावाइसओरआवागमनकरनेवालेलोगयहांमत्थाटेकेबिनानहींनिकलते।

मंदिरकीविशेषता:

प्रतिदिनयहांसेगुजरनेवालेलोगएकबारयहांजरूरआतेहैं।नवरात्रपरपूरेनौदिनसुबहपूजाकेबादशामकोआरतीहोतीहै।श्रीकृष्णजन्माष्टमी,हनुमानजयंती,शिवरात्रिसहितविभिन्नपर्वोंमेंकार्यक्रमहोतेहैं।मंदिरकीदेखरेखकमेटीकरतीहै।इसकारणपूरेसालमंदिरमेंजीर्णोद्धारकाकार्यचलतारहताहै।नवरात्रकेअवसरपरसुबह5बजेसेहीमंदिरकेद्वारखुलजातेहैंजोदेरराततकचलतारहताहै।

मंदिरकेप्रतिश्रद्धालुओंकीआस्थालगातारबढ़रहीहै।प्राचीनमंदिरहोनेकेकारणमान्यताहैकियहांआनेवालेश्रद्धालुद्वारामांगीगईमन्नतअवश्यपूरीहोतीहै।नवरात्रमेंहीनहींअन्यत्योहारमेंभीश्रद्धालुओंकीभीड़रहतीहै।

-आचार्यदीपकशास्त्री,पुजारी

कमेटीकेमाध्यमसेमंदिरमेंवर्षभरधार्मिकआयोजनहोतेरहतेहैं।इसकेअलावाश्रद्धालुओंकीमन्नतपूरीहोनेपरभीआस्थाकेअनुसारकार्यक्रमआयोजितकरतेहैं।मंदिरकेजीर्णोद्धारकाकार्यनियमितरूपसेचलताहै।

-भारत,प्रधान,मंदिरकमेटी

By Duncan