समस्तीपुर,जासं।गोवर्धनमठपुरीपीठाधीश्वरजगतगुरुशंकराचार्यनिश्चलानंदसरस्वतीनेकहाकिमहायंत्रोंकाआविष्कारहीविनाशकाकारणबनताजारहाहै।यंत्रोंकेआविष्कारसेजीवशक्तिसेहोनेवालेविकासकेसाधनभूतजीवोंकीप्रयोजनहीनतानष्टहोतीहै।लोगउसकेभक्षकहोतेजारहेहैं।

वेपटसागांवमेंनवनिर्मितसर्वेश्वरनाथमंदिरमेंमूर्तियोंकीप्राणप्रतिष्ठाकोलेकरआयोजितधर्मसभाकोसंबोधितकररहेथे।कहाकिकोरोनाजैसीमहामारीइसकेउदाहरणहैं।मच्छरमारनेवालीदवाओंकेप्रयोगसेदिनानुदिनइसकीसंख्याबढ़तीजारहीहै।अधिकसेअधिकप्राकृतिकवस्तुओंकेउपयोगसेमानवजीवनकीसुरक्षाकेसाथहीप्रकृतिभीशुद्धऔरसुरक्षितरहकरकल्याणकारीहोतीहै।सुसंस्कृत,सुरक्षित,सुशिक्षित,संपन्नऔरसेवापरायणसिद्धांतसेहीस्वस्थसमाजकीपरिकल्पनाहोसकतीहै।इसीनीतिसेदेशऔरसंसारकीसुरक्षासंभवहै।संयुक्तराष्ट्रसंघकोऐसीनीतिपरविचारकरदिशानिर्देशजारीकरनाचाहिए।ताकि,रामराजकीकल्पनासाकारहोसके।

धर्मधारणकरनेकीविधाहै।लोगोंद्वाराहिंदूधर्मकोविचारकरनेकेरूपमेंप्रतिपादितकरनेकीपरंपराकोघातकबताया।उन्होंनेधर्मऔरनीतिकोदोषमुक्तरखकरकामकरनेकीजरूरतपरजोरदिया।उपनिषदकीसूक्तियोंकेमहत्वकोसमझनेऔरअपनानेकोकहा।इससेपूर्वप्रश्नोत्तरकार्यक्रममेंकहाकिमिथिलांचलमेंभगवतीसीताउपेक्षितहैं।घरोंमेंभगवतीसीताकेचित्रपटकाभीदर्शनदुर्लभहै।मिथिलांचलकेलोगोंसेसात्विकदेवीदूरहोचुकीहैं।देसीगायविलुप्तहोनेकेकगारपरहै।जर्सीगायकादूधपीनेसेमानसिकताविकृतहोरहीहै।दर्शन,विज्ञानऔरव्यवहारतीनोंमेंसामंजस्यसाधकरलिखनेऔरबोलनेवालेबहुतकमहैं।आजकिसान,किसानरहहीकहांगएहैं।गोरक्षा,खेतीऔरवाणिज्यकास्वरूपबदलचुकाहै।

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By Farmer